
बीजापुर। जिले के माओवाद प्रभावित पीएलजीए बटालियन क्षेत्र में सुरक्षा बलों की उपस्थिति और नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के चलते इस वर्ष 40 वर्षों बाद गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और शांति के लिए प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कई दशकों बाद गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन से स्कूली छात्रों और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया। जवानों द्वारा मिष्ठान व जलपान का वितरण किया गया।

जिला मुख्यालय बीजापुर में आयोजित 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने मिनी स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने परेड की सलामी ली और निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया गया।

गौरतलब है कि माओवाद प्रभावित इलाकों में पिछले कई दशकों से तिरंगे की जगह काला झंडा फहराया जाता था, लेकिन अब सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति के चलते माओवादी गढ़ों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इससे स्थानीय नागरिकों में विश्वास और खुशी का माहौल बना हुआ है।

बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव के निर्देशन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित नवीन सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से “छत्तीसगढ़ नक्सल उन्मूलन नीति” के तहत विश्वास, विकास और सुरक्षा की भावना को सशक्त किया जा रहा है। “नियद नेल्लानार योजना” के तहत इन कैम्पों की स्थापना से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल कनेक्टिविटी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर चिन्नगेल्लुर, गुंडम, छुटबाई, कोंडापल्ली, वाटेवागु, जड़पल्ली, कावडगांव, कावरगट्टा, पीडिया और गोरना जैसे गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। दशकों बाद तिरंगे के लहराने से ग्रामीणों में देशभक्ति की भावना जागृत हुई और माओवाद के डर को दूर करने में प्रशासन को सफलता मिली।
इस अवसर पर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को मिष्ठान और जलपान वितरित किया गया। कार्यक्रम में अमर शहीदों की वीरगाथा का भी वर्णन किया गया, जिससे लोगों में राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव प्रबल हुआ।




