छत्तीसगढ़

दादा-दादी एवं नाना-नानी समाज की सांस्कृतिक धरोहर और नैतिक मूल्यों के आधार स्तंभ – हांसदा

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पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय चक्रधरपुर में दादा-दादी एवं नाना-नानी दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया, कक्षा 12 के विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई

चक्रधरपुर । पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय चक्रधरपुर में दादा-दादी एवं नाना-नानी दिवस उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आगंतुक वरिष्ठजनों के भव्य स्वागत के साथ हुआ। विद्यालय के विद्यार्थियों ने मुख्य द्वार पर तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा करते हुए तथा दीप प्रज्वलित कर अपने दादा-दादी एवं नाना-नानियों का आत्मीय अभिनंदन किया और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।



कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य श्री विश्वनाथ हांसदा एवं उपस्थित वरिष्ठजनों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों ने गीत, भाषण, नृत्य एवं लघु नाटिका की मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी अतिथियों का मन मोह लिया। सभी प्रस्तुतियाँ वरिष्ठजनों के सम्मान को समर्पित थीं।

इस अवसर पर प्राचार्य श्री हांसदा ने अपने संबोधन में कहा कि दादा-दादी एवं नाना-नानी समाज की सांस्कृतिक धरोहर और नैतिक मूल्यों के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों में कम उम्र से ही वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है।



कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठजनों ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन में ‘पासिंग बॉल’ खेल का भी आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और भावनाओं से ओत-प्रोत रहा।

कक्षा 12 के विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई

इसी क्रम में पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय चक्रधरपुर में कक्षा 12 के विद्यार्थियों को भावपूर्ण वातावरण में विदाई दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री विश्वनाथ हांसदा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।



कक्षा 11 के विद्यार्थियों ने अपने वरिष्ठ साथियों के सम्मान में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत-संगीत और मनोरंजक प्रस्तुतियों ने समारोह को यादगार बना दिया।

अपने संबोधन में प्राचार्य श्री हांसदा ने विद्यार्थियों को पूर्ण आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आगामी पाँच से सात वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ें तथा मन लगाकर अध्ययन कर राष्ट्र सेवा के मार्ग पर अग्रसर हों।

समारोह के अंत में कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर भावभीनी विदाई दी। कई विद्यार्थियों की आँखें नम हो गईं और पूरा वातावरण भावनाओं से भर उठा।

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