छत्तीसगढ़

संविधान की छाती पर पाइंट ब्लैंक फायर!

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(आलेख : राजेंद्र शर्मा)

आखिरकार, हिमांत बिश्वशर्मा और उनके नेतृत्व में भाजपा की असम इकाई ने भारतीय संविधान को खुली चुनौती दे ही दी। भाजपा के आधिकारिक हैंडल से प्रसारित एक वीडियो संदेश में बिश्वशर्मा हाथों में विभिन्न प्रकार की बंदूकें और पिस्तौलें लिए अमरीकी फिल्मों के कॉउबाय जैसी मुद्रा में नजर आए। इतना ही नहीं, वे हथियारों से गोलियां दागते हुए भी दिखाई दिए।

याद रहे कि बंदूकों के साथ अपने गीतों को फिल्माने के कारण पंजाब सहित अन्य राज्यों में कई गायकों को हिंसा को बढ़ावा देने के आरोपों का सामना करना पड़ा है। ‘गन कल्चर’ को एक गंभीर सामाजिक खतरे के रूप में देखा जाता रहा है। किंतु यहां एक निर्वाचित मुख्यमंत्री का इस प्रकार हथियारों के साथ सार्वजनिक प्रदर्शन कई सवाल खड़े करता है।

लेखक के अनुसार, यह प्रदर्शन केवल ‘मर्दानगी’ के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे आगे जाकर सांप्रदायिक संकेतों वाला संदेश देता प्रतीत हुआ। वीडियो में निशाने पर दिखाए गए दो पात्रों की वेशभूषा को लेकर भी बहस छिड़ी। वीडियो के साथ प्रयुक्त “पाइंट ब्लैंक” शब्द ने भी ऐतिहासिक संदर्भों को जन्म दिया, जिनका उल्लेख आलोचकों ने किया।

स्वाभाविक रूप से इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। आलोचकों ने यह भी इंगित किया कि वीडियो ऐसे समय जारी हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा पर थे। इस विरोधाभास को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणियां हुईं।

बाद में असम भाजपा ने उक्त वीडियो अपने हैंडल से हटा दिया। हालांकि, तब तक वह व्यापक रूप से प्रसारित हो चुका था। लेखक का तर्क है कि इस प्रकार संदेश प्रसारित कर, प्रतिक्रिया का आकलन कर, फिर उसे वापस लेने की रणनीति नई नहीं है।

लेख में यह भी कहा गया है कि असम की राजनीति में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के संकेत पहले भी विभिन्न प्रसंगों में दिखाई दिए हैं। आगामी चुनावों के संदर्भ में इस प्रकार की घटनाओं को लेखक व्यापक राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखते हैं।

लेखक का आरोप है कि ऐसे मामलों पर केंद्रीय नेतृत्व की चुप्पी भी ध्यान देने योग्य है। उनके अनुसार, न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अंत में लेखक निष्कर्ष देते हैं कि बहुसंख्यक सांप्रदायिक राजनीति और संवैधानिक मूल्यों के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है। उनके शब्दों में, “संविधान की छाती पर पाइंट ब्लैंक फायर खोल दिया गया है।”

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