दुर्घटना जनित मृत्यु की रोकथाम एवं जनहानि, फसल हानि रोकने के प्रयास में बलरामपुर वन मंडल निरंतर क्रियाशील : वन मंडलाधिकारी

हाथियों के आगमन पर सुरक्षित दूरी बनाने, हाथियों से छेड़छाड़ न करने हाथियों के आगमन की जानकारी मिलने पर वन विभाग को तत्काल सूचित करें
बलरामपुर। बलरामपुर वन मंडल में जंगली हाथियों का विचरण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जिस पर बलरामपुर वन अमला लगातार सक्रियता से क्रियाशील है। बलरामपुर वन मंडल में जंगली हाथियों का विचरण वाकई एक गंभीर समस्या है जो न केवल मानव जीवन के लिए खतरे का कारण बन सकता है, बल्कि फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
वन विभाग द्वारा इस मुद्दे पर सक्रियता से काम किया जा रहा है, जिसमें हाथियों के मार्ग को नियंत्रित करने, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और ग्रामीणों को जागरूक करने जैसी पहलें शामिल हैं। इसके साथ ही हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग भी किया जा रहा है।
बलरामपुर वन मंडलाधिकारी अशोक तिवारी ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि विगत तीन चार दिवस के अंदर जनहानि की घटनाएं प्रकाश में आई है, जिसमें प्रमुखतः ग्रामीणों द्वारा जंगल के अंदर महुआ फूल चुनने हेतु ग्रामीणों की उपस्थिति के दो जनहानि के प्रकरण घटित हुए हैं।
बलरामपुर वन मंडल में जंगली हाथियों के विचरण, हाथियों की निगरानी के साथ साथ ग्रामीणों के जान माल की क्षति को रोकने, जंगली हाथियों को दुर्घटना जनित मृत्यु की रोकथाम एवं हाथी मानव द्वंद्व को शून्य करने के साथ साथ जनहानि, फसल हानि रोकने के प्रयास में वन अमला हाथी ट्रैकर दल के सदस्य के साथ स्थानीय वन प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के सक्रिय सदस्य, राजस्व अमला, पुलिस अमला एवं विद्युत विभाग के कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से निरंतर क्रियाशील है।
जंगली हाथियों की निगरानी हेतु बीट लेवल पर जब कभी जंगली हाथियों का आगमन होता है, बीट गार्ड अपने क्षेत्र में माइक और कोटवार के माध्यम से ग्रामों में मुनादी आरंभ करते है, साथ ही प्रत्येक बीट सर्किल एवं रेंज स्तर पर हाथियों के आगमन की सूचना हेतु एकल मकान और एरिया के ग्रामीणों का व्हाट्सअप ग्रुप सक्रिय हो जाता है, जिसमें हाथियों के मूवमेन्ट की पल पल की जानकारी प्रसारित होती रहती है।
इसी स्तर से वन मंडल स्तर पर भी तैयार व्हाट्सअप ग्रुप में भी हाथियों के मूवमेंन्ट की जानकारी प्रतिदिन दी जाती है, जिसके आधार पर हाथी मेनेजमेन्ट के लिए हाथियों की संख्या, हाथियों का व्यवहार, अधिकांशतः हाथी जिन क्षेत्रों में आते है वहां पर हाथियों के आने का कारण प्रसारित की जाती है।
सूक्ष्मता से अध्ययन किए जाने पर पाया गया है कि बलरामपुर वन मंडल में विगत दो वर्षों के अंदर हाथियों का आवगमन बढ़ता जा रहा है। बलरामपुर वन मंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र रामानुजगंज, वन परिक्षेत्र धमनी, वन वन परिक्षेत्र चान्दो, वन परिक्षेत्र कुसमी का वन क्षेत्र झारखंड राज्य से सटा हुआ है एवं अधिकांशतः हाथियों का दल इसी राज्य की ओर से कन्हर नदी की सीमा के किनारे किनारे बलरामपुर वन मंडल की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं।
जहां हाथियों के अनुकूल पानी, छायादार वन क्षेत्र के साथ साथ पर्याप्त मात्रा में उनके भोजन हेतु फसल आदि उपलब्ध हैं, जो हाथियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने ने बताया कि बलरामपुर वन मंडल अंतर्गत उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए हाथियों के आगमन की संभावना आगे भी बने रहने की है।
हाथी मानव द्वंद्व से बचाव हेतु जनमानस को प्रचार प्रसार कर हाथियों से दूर रहने की समझाइश, हाथियों के मूवमेंन्ट की जानकारी, हाथियों से छेड़छाड़ न करने की समझाइश एवं हाथी विचरण क्षेत्र में उत्सुकतता, जिज्ञासावश वन क्षेत्र में हाथी देखने न जाने की समझाइश, जंगली रास्तों का उपयोग न करने की समझाइश लगातार दी जाती है।
साथ साथ विद्युत विभाग के सहयोग से हाथी विचरण क्षेत्र में लूज और अवैध विद्युत लाइन हटाने का सार्थक प्रयास के साथ 11000 वोल्ट, एवं 33000 वोल्ट के बिजली खंभों में नीचे झुके तारों के स्थलों की पहचान कर सुधार करने हेतु विद्युत विभाग को लगातार पत्राचार किया जाता है।
हाथी विचरण क्षेत्र में गजराज वाहन, हाई मास्ट लाइट प्रत्येक परिक्षेत्र में हाथी मित्र दल, एवं ट्रेकर्स का दल आवश्यकता के अनुरूप उपलब्ध होकर क्रियाशील है, जिनके सहारे यदा कदा जनहानि, फसल हानि आदि घटनाओं को छोड़कर अधिकांश हाथी विचरण क्षेत्रों में जन धन हानि को रोकने में सफलता प्राप्त की गई है। साथ ही क्षतिपूर्ति हेतु शासन स्तर से निर्धारित मुआवजा पीड़ित परिवार को दी जाती है।
वर्तमान में रामानुजगंज परिक्षेत्र में जनहानि किया हाथी दंतैल आज 03 अप्रैल को झारखंड राज्य की ओर चला गया है एवं शंकरगढ़ परिक्षेत्र में महुआ चुनने के दौरान जंगल में महिला को मृत किए हाथी का लोकेशन शंकरगढ़ परिक्षेत्र के इन्दाकोना बीट कक्ष क्र. 2932 से राजपुर परिक्षेत्र के बासेन, पस्ता, खटवाबरदर होते हुए आज प्रातः गेमरेंज कोदौरा, एलीफेन्ट रिजर्व सरगुजा के क्षेत्र में प्रवेश कर जनहानि करते हुए वर्तमान में पी. 168 मन्दरू पहाड़, एलीफेन्ट रिजर्व कोदौरा गेमरेंज के करमडीहा क्षेत्र में विचरण कर रहा है।
एलीफेन्ट रिजर्व सरगुजा से लगे बलरामपुर वन मंडल के बलरामपुर रेंज, राजपुर रेंज वाड्रफनगर रेंज के कर्मचारी हाथी ट्रेकर दल एवं हाथी मित्र दल लगातार हाथी की निगरानी करते हुए हाथी आने के संभावित ग्रामों में हाथी से जान माल की सुरक्षा हेतु मुनादी एवं प्रचार प्रसार की जा रही है।
हाथी प्रबंधन जनमानस के जागरूकता, सतर्कता, सावधानी, संवेदनशीलता एवं हाथी के प्रति मानवीय व्यवहार में हाथी के साथ मानव जीवन की सोच विकसित होने पर हाथी मानव द्वंद्व स्वमेव समाप्त होगा, इस हेतु आम जनों से विनम्र अपील है कि हाथियों के आगमन पर सुरक्षित दूरी बनाएं, हाथियों से छेड़छाड़ न करें, अनावश्यक जंगल में न जाएं, वनों में आग न लगाएं एवं जब कभी भी हाथियों के आगमन की जानकारी मिले, वन विभाग को तत्काल सूचित करें।