परीक्षा पे चर्चा 2026: पीएम मोदी ने छात्रों को दिया तनाव से मुक्त होकर आगे बढ़ने का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को परीक्षा पे चर्चा 2026 कार्यक्रम के तहत देशभर के छात्रों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा से जुड़े तनाव, डर और दबाव पर खुलकर चर्चा की और विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी।
यह कार्यक्रम हर साल परीक्षाओं से पहले छात्रों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इस बार भी देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों ने भाग लिया और लाखों विद्यार्थियों ने इसे टीवी व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखा।
परीक्षा पे चर्चा के 9वें संस्करण में क्या रहा खास?
परीक्षा पे चर्चा 2026 के 9वें सीजन में छात्रों ने पढ़ाई, टाइम मैनेजमेंट, करियर, माता-पिता के दबाव और डिजिटल डिस्ट्रैक्शन जैसे मुद्दों पर सवाल पूछे। प्रधानमंत्री ने हर सवाल का जवाब सरल, स्पष्ट और प्रेरणादायक अंदाज में दिया।
“परीक्षा को बोझ न बनाएं” – पीएम मोदी
एक छात्र ने परीक्षा के समय डर और घबराहट को लेकर सवाल किया। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि डर तब पैदा होता है जब हम परीक्षा को जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य मान लेते हैं।
उन्होंने कहा:
- परीक्षा खुद को परखने का माध्यम है
- इसे दबाव या बोझ न बनाएं
- जीवन केवल एक परीक्षा से तय नहीं होता
पढ़ाई में ध्यान भटकता है? पीएम मोदी ने बताया समाधान
पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकने के सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन है।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि:
- पढ़ते समय फोन खुद से दूर रखें
- छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर पढ़ाई करें
- इससे फोकस और एकाग्रता बनी रहती है
गेमिंग को लेकर पीएम मोदी का संतुलित नजरिया
गेमिंग पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ इसलिए समय बर्बाद न करें क्योंकि देश में इंटरनेट सस्ता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं
- गेमिंग अपने आप में एक स्किल है
- इसमें स्पीड, रणनीति और सोच शामिल होती है
पीएम ने छात्रों को सलाह दी कि वे क्वालिटी गेमिंग चुनें और यह समझने की कोशिश करें कि उनकी असली रुचि और विशेषज्ञता किसमें है।
टाइम मैनेजमेंट पर प्रधानमंत्री की अहम सलाह
एक छात्रा के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि समय की कमी नहीं होती, बल्कि सही प्लानिंग की कमी होती है।
उन्होंने सुझाव दिया:
- रात में ही अगले दिन की योजना बनाएं
- नींद से कभी समझौता न करें
- संतुलित दिनचर्या से बेहतर परिणाम मिलते हैं
माता-पिता के दबाव पर क्या बोले पीएम?
माता-पिता के दबाव से जुड़े सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि:
- बच्चों की तुलना दूसरों से करना गलत है
- हर छात्र की क्षमता और रुचि अलग होती है
- अभिभावकों को बच्चों पर भरोसा रखना चाहिए
“मार्क्स ही सफलता नहीं तय करते”
करियर से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि अंक ही सफलता का अंतिम पैमाना नहीं होते।
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि:
- अपनी रुचि और कौशल को पहचानें
- असफलता को सीख के रूप में स्वीकार करें
- लगातार मेहनत और सकारात्मक सोच से आगे बढ़ें




