थाने के दरवाजे पर छात्रों की गुंडागर्दी, स्मृति नगर चौकी के सामने खुलेआम मारपीट; पुलिस मूकदर्शक

दुर्ग@खबर सार :- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बदमाशों के हौसले बुलंदियों पर हैं। ताजा वाकया स्मृति नगर चौकी के ठीक सामने का है, जहां शंकराचार्य यूनिवर्सिटी के दो छात्र गुट थाने के दरवाजे पर आपस में भिड़ गए। लात-घूंसे, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज का दौर इतना जोरदार था कि मानो पुलिस और कानून का कोई खौफ ही नहीं। मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र एक-दूसरे पर टूट पड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ छात्रों को हिरासत में लिया है, लेकिन चौकी के सामने खुली गुंडागर्दी ने खाकी की पोल खोल दी है।

एनुअल फंक्शन से शुरू, थाने तक पहुंचा विवाद
घटना बुधवार रात की है। जुनवानी स्थित श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एनुअल फंक्शन चल रहा था। कार्यक्रम के दौरान दो छात्र गुटों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते-देखते मारपीट में बदल गई। यूनिवर्सिटी प्रबंधन और सिक्योरिटी गार्ड्स ने किसी तरह छात्रों को वहां से हटाया, लेकिन विवाद यहीं थमा नहीं। दोनों पक्ष स्मृति नगर चौकी के सामने पहुंचे और फिर से भिड़ गए। थाने के गेट पर ही लात-घूंसे चले, कई छात्रों को चोटें आईं।
वीडियो में कैद हुई शर्मनाक तस्वीर
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि थाने के सामने दर्जनों छात्र एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। पुलिसकर्मी दूर से देखते रहे, कोई तत्काल हस्तक्षेप नहीं हुआ। ग्रामीण और राहगीर भयभीत होकर घटना देखते रहे।

पुलिस का बयान: मामला दर्ज, सख्त कार्रवाई होगी
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया, “यूनिवर्सिटी में एनुअल फंक्शन के दौरान छात्रों में झगड़ा हुआ। बाद में दोनों पक्ष स्मृति नगर चौकी के सामने पहुंचे और मारपीट की। पुलिस ने तुरंत सभी को हटाया। चोटिल छात्रों का मेडिकल कराया गया है। मारपीट करने वाले छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। कुछ छात्र हिरासत में हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।”
कानून का खौफ खत्म?
थाने के सामने खुलेआम मारपीट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब चौकी के दरवाजे पर गुंडागर्दी हो रही थी, तो पुलिस ने तत्काल क्यों नहीं रोका? क्या खाकी का खौफ खत्म हो गया है? विपक्ष ने इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बताया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। दोषी छात्रों पर निलंबन की तलवार लटक रही है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।




