धान फसल बर्बादी पर फतेहपुर में फूटा गुस्सा: ग्रामीणों ने गौतम अडानी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला फूंका

प्रिंस सोनी, लखनपुर, सरगुजा |
सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत फतेहपुर गांव में गुरुवार दोपहर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। किसानों की फसल को जेसीबी और पोकलेन से तहस-नहस किए जाने के विरोध में गौतम अडानी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर जमकर नारेबाज़ी की गई।
अडानी कंपनी पर फसल बर्बादी का आरोप
ग्राम साल्ही के किसानों — आनंद राम, खुसरो, बुधराम और अन्य — ने आरोप लगाया कि 10 और 11 जुलाई की मध्य रात्रि अदानी कंपनी द्वारा उनकी हरी-भरी धान फसल को जेसीबी और पोकलेन मशीन से रौंद दिया गया। इतना ही नहीं, खेतों की मेड़ को समतल कर दिया गया, जिससे फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
पुलिस थाने पहुंचे किसान, मिला न्यायालय जाने का सुझाव
14 जुलाई को पीड़ित किसान उदयपुर थाना पहुंचे और अदानी कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत सौंपी। लेकिन थाना प्रभारी ने मामला “धारा 174 CrPC” के अंतर्गत बताते हुए उन्हें न्यायालय में जाने की सलाह दे दी। इसके बाद किसान तहसील कार्यालय भी पहुंचे, पर अधिकारी अनुपस्थित मिले, जिससे वे मायूस होकर गांव लौट गए।
गांव में हुआ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन
17 जुलाई को फतेहपुर गांव में किसानों और ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने रैली निकाली और गौतम अडानी तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। गांव में पुतला दहन कर रोष व्यक्त किया गया। प्रदर्शन के दौरान “अदानी मुर्दाबाद, भाजपा सरकार होश में आओ” जैसे नारे गूंजते रहे।
ग्रामीणों ने की न्याय की मांग, कहा – फसल उजाड़ने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने प्रशासन से मांग की कि दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। उनका कहना था कि अगर इस तरह की कार्रवाई होती रही, तो किसानों का खेती से भरोसा उठ जाएगा।




