
खरसिया रेलवे फाटक पर असामाजिक तत्वों और भिखारियों की बढ़ती गुंडागर्दी ने स्थानीय महिलाओं को असुरक्षित बना दिया है। महिलाओं को न केवल गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि भिखारी उनके पैर पकड़कर सार्वजनिक रूप से परेशान कर रहे हैं।
फाटक के पास ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। घंटों तक फाटक के बंद रहने से महिलाओं को इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग की उदासीनता के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है।
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की मांग तेजी से उठ रही है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या बड़े आंदोलन का रूप ले सकती है।