बुजुर्ग दम्पति की हत्या के मामले मे शामिल 02 आरोपी चंद घंटे के भीतर गिरफ्तार

:- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना दरिमा एवं साइबर सेल पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही।
:- आरोपियों द्वारा बकरी चोरी की योजना बनाकर बुजुर्ग दम्पति के घर मे ठहरने पश्चात दम्पति को टांगी से मारकर हत्या कर बकरी चोरी कर मौक़े से हुए थे फरार।
:- आरोपियों के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त 02 नग लोगे का टांगी किया गया जप्त।
:- गंभीर अपराधों मे पुलिस टीम द्वारा की जा रहे लगातार सख्त वैधानिक कार्यवाही।
⏩ मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 23/10/25 को सूचना मिला कि ग्राम कुम्हरता घाघी में एक घर में पति पत्नी का शव मृत हालत में पड़ा है सूचना पर तत्काल हमराह स्टाप के साथ रवाना होकर घटना स्थल ग्राम कुम्हरता घाधी पहुंच कर सूचना तस्दीक किया गया, प्रार्थी दुहन लकडा आत्मज रघुवीर लकडा उम्र 45 वर्ष साकिन कुम्हरता घाधी थाना दरिमा द्वारा मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी ग्राम कुम्हरता घाघी में रहता है खेती किसानी व मजदुरी का काम करता है, प्रार्थी के बडा भाई रिमा लकडा अपनी पत्नी उर्मिला उर्फ जूली लकडा के साथ प्रार्थी के घर से करीबन आधा कि. मी. की दूरी पर रहता था,
प्रार्थी के भाई एवं भाभी का कोई संतान नही था कि दिनांक 22/10/25 के शाम को प्रार्थी के भाई एवं भाभी अपने बकरीयों को चराकर बकरीयों को घर के अंदर करने के बाद अपने घर में थे कि दिनांक 23/10/25 को ग्राम नवापारा निवासी घुरसाय लकडा प्रार्थी के घर आये तथा प्रार्थी को बताया कि घुरसाय धान काटने के लिए मजदुर का पता करने प्रार्थी के भाई रिमा लकडा के घर गया था तो रिमा लकड़ा के घर के बाहर का दरवाजा में सिकड़ी लगा था
घुरसाय आवाज दिया तो कोई आवाज नहीं आने के बाद सिकडी खोलकर घर के अंदर जा कर देखा घर के परछी में रिमा लकडा तथा उसकी पत्नी उर्मिला उर्फ जुली का शव जमीन में बिछे चटाई पर मृत हालत में पड़ा है घुरसाय के द्वारा इस प्रकार की घटना बताने पर प्रार्थी तुरंत उनके साथ अपने भाई के घर अंदर जा कर देखा तो प्रार्थी का भाई एवं भाभी का शव घर के परछी मे दरी ऊपर पड़ा था, कि अज्ञात आरोपी प्रार्थी के भाई तथा भाभी की हत्या कर बकरी ले गया है दोनो का शव कम्बल से ढका हुआ है, प्रार्थी की रिपोर्ट पर मौके पर देहाती नालसी चाक किया गया, वापसी बाद मामले मे थाना दरिमा मे अप.क्र.159/25 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
⏩ मामले को संज्ञान में लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना दरिमा पुलिस टीम को मामले में त्वरित कार्यवाही कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किए जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम में थाना दरिमा पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले के आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा था दौरान पता तलाश पुलिस टीम के सतत प्रयास से प्रकरण के दोनों आरोपियों को चंद घंटे की भीतर पड़कर पूछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) करीमन मझवार आत्मज कमल साय उम्र 42 वर्ष साकिन पम्पापुर थाना दरिमा (02) जय श्याम आत्मज लखन राम मझवार उम्र 28 वर्ष साकिन पम्पापुर थाना दरिमा का होना बताये,
आरोपियों से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किए जाने पर घटना कारित किया जाना स्वीकार करते हुए बताये कि दिनांक 22/10/25 की रात्रि मे आरोपी करीमन अपने भतीजा जय श्याम से बोला की ग्राम कुम्हरता धाघी के रहने वाले परिचित रिमा लकड़ा के घर पर बहुत से बकरा-बकरी है चलो चुरा कर ले आते हैं तब दोनो आरोपीगण रात के तकरीबन 11:00 बजे रिमा लकड़ा के घर पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाये तब रिमा लकड़ा दरवाजा खोला तब दोनों आरोपीगण वहीं सोने के लिये जगह मांगे और वहीं आराम करने लगे जब रिमा लकड़ा और उसकी पत्नि सो गये तब आरोपी करीमन और जय श्याम देर रात रिमा लकड़ा के बकरा को चोरी कर ले जाने के लिये उठे और वहीं घर पर रखे कुल्हाड़ी के पासा से जय श्याम रिमा लकड़ा की पत्नि के सिर में मार दिया और आरोपी करीमन घर पर रखे दुसरे कुल्हाड़ी के पासा से रिमा लकड़ा के सिर पर मार कर हत्या कर दिए,
इसके बाद दोनों आरोपीगण घर पर रखे 01 रास बकरा को मार कर अपने कंधे में रखकर और कुल्हाड़ी को हांथ में पकड़कर मौक़े से निकलकर रात 02:00 बजे ग्राम कुम्हरता धटीलड़ाड़ के रहने वाले शंकर मझवार के घर जाकर दरवाजा खुलवाये और वहीं सो गये और सुबह बकरा को खा गए और कुछ मांस को आसपास गांव में बेच दिए है, आरोपियों के निशानदेही पर घटना मे प्रयुक्त 02 नग लोहे का टांगी जप्त किया गया है, आरोपियों के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है।
⏩ सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो,उप निरीक्षक सत्येंद्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान्, आरक्षक मनीष सिंह, अशोक यादव, रमेश राजवाड़े, समयलाल केरकेट्टा, बन्दे केरकेट्टा, मनोहर कुमार, अशोक कुजूर, शेरशाह मिंज, सक्रिय रहे।




