अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार सहायता संघ की सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा ने स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन में बदलाव का स्वागत किया

चक्रधरपुर। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सहायता संघ के सरायकेला खरसावां जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्षा श्रीमती सुमन कारूवा ने भुवनेश्वर में हुए 67 वें काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सार्टिफिकेट एग्जामिनेशन ( सीआईएससीई) बोर्ड से संबद्धता प्राप्त स्कूलों में आइसीएसइ (10 वीं) और आइएससी (12वीं) की बोर्ड परीक्षा में 40% सवालों के कंपीटेंसी बेस्ड , परीक्षा पैटर्न में हुए कई बदलाव का स्वागत किया है। मुख्य फैसलों में (1) तीसरी कक्षा से ही सिंगींग, पेंटिंग, म्यूजिक, खेल -कूद हर बच्चे को अनिवार्य होगा,(2) प्राइमरी, प्री-प्रायमरी के बच्चों का अगले साल से उनकी एक्टिविटी के आधार पर असेस्मेंट होगा, एक्टिविटी बेस्ट रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जायेगा (3) सभी संकुलों में वोकेशनल कोर्स के तौर पर एआइ – रोबोटिक्स की पढ़ाई शुरू होगी।(4) आप्शनल सब्जेक्ट के रूप में सिविल, इलेक्ट्रिकल ,इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से संबंधित डिप्लोमा कोर्स शुरू होगा, नौवीं क्लास के विद्यार्थि भी इसे कर सकेंगे,( 5 ) नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर सिलेबस में बड़े पैमाने पर बदलाव होगा। 10वीं -12वीं की बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी शामिल है।