सरगुजा : मर्ग जांच के बाद आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का मामला दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन पर सरगुजा पुलिस द्वारा थाने में दर्ज प्रकरणों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ एवं गिरफ्तारी की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में थाना गांधीनगर पुलिस द्वारा मर्ग जांच उपरांत आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में आरोपियों के विरुद्ध सबूत पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
मर्ग जांच के दौरान सामने आए घटना के तथ्य, विवाह कार्यक्रम से जुड़ा मामला
थाना गांधीनगर के मर्ग क्रमांक 37/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मृतक रूकचंद नागेश पिता अमर साय नागेश, उम्र 25 वर्ष, निवासी सरगवां, पतरापारा थाना गांधीनगर, जिला सरगुजा की मृत्यु के संबंध में जांच की गई।
जांच के दौरान परिजनों एवं स्वतंत्र गवाहों से पूछताछ में सामने आया कि 27/04/2026 को मृतक अपने गांव में पंडा नामक व्यक्ति के विवाह मंडप कार्यक्रम में गया था, जहां डीजे साउंड पर नाच-गाना चल रहा था। रात करीब 01 बजे मृतक की मां कबिलासो को आरोपीगण द्वारा नाचने के लिए कहा गया, जिसका मृतक ने विरोध किया।
मारपीट से आहत होकर घर लौटा मृतक, बाद में आत्महत्या की घटना
इसी बात को लेकर आरोपीगण रामप्रसाद, राजनाथ एवं अजीत के द्वारा मृतक रूकचंद नागेश के साथ मारपीट की गई, जिससे वह आहत होकर रोते हुए कार्यक्रम स्थल से लगभग 03 बजे अपने घर वापस आ गया।
घर पहुंचकर उसने घटना की जानकारी अपनी बहन सुमरी नागेश को दी और इसके कुछ समय बाद गांव के पीपल के पेड़ में ड्रीप पाइप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
जांच के आधार पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 277/2026 धारा 108, 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान आरोपीगण रामप्रसाद उर्फ रित्रा पिता मुन्ना राम (28 वर्ष), अजीत कुमार पिता शिवप्रसाद यादव (32 वर्ष) एवं राजनाथ तिर्की पिता नानसाय (40 वर्ष), तीनों निवासी सरगवां, थाना गांधीनगर को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उन्हें 25/05/2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
थाना गांधीनगर पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे प्रकरण के निराकरण में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे, प्रधान आरक्षक इमरान गालिब एवं सैनिक रोशन गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


