ऑफ-साइट इमरजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश
सुंदरगढ़। औद्योगिक गतिविधियों से होने वाली बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने और मानव जीवन एवं पर्यावरण पर उनके प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला स्तरीय रासायनिक संकट प्रबंधन बैठक (डिस्ट्रिक्ट क्राइसिस ग्रुप) आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर सूरज कुमार पटनायक ने की। इस दौरान जिले के लिए व्यापक ऑफ-साइट आपातकालीन योजना तैयार करने और जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

प्रशासन और आपातकालीन एजेंसियों में बेहतर समन्वय पर जोर
सुंदरगढ़ जिला कलेक्टर कार्यालय स्थित सद्भावना भवन में हुई बैठक जिला प्रशासन और कारखाना एवं बॉयलर निदेशालय, राउरकेला डिवीजन के समन्वय से आयोजित की गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग और कारखाना एवं गैस विभाग के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।
खतरनाक कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं की आशंका वाले कारखानों और खतरनाक पदार्थों का उत्पादन या भंडारण करने वाले प्रतिष्ठानों में सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कारखाना एवं बॉयलर विभाग के उप निदेशक विभु प्रसाद ने औद्योगिक इकाइयों से जुड़े संभावित खतरों और उनसे निपटने के उपायों की जानकारी दी।

RSP और डालमिया सीमेंट ने बताई सुरक्षा व्यवस्था
बैठक में राउरकेला स्टील प्लांट और डालमिया सीमेंट के प्रतिनिधियों ने अपनी उत्पादन प्रक्रियाओं, संभावित खतरों तथा दुर्घटनाओं को रोकने और नियंत्रित करने के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा की।
मॉक ड्रिल नियमित रूप से कराने के निर्देश
बैठक में खतरनाक औद्योगिक इकाइयों में नियमित रूप से ऑन-साइट और ऑफ-साइट मॉक ड्रिल आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया। इन अभ्यासों में जिला संकट समूह, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग, आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया। इससे आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा।
खतरनाक कारखानों का संयुक्त निरीक्षण होगा
जिले में संचालित दुर्घटना संभावित और उच्च जोखिम वाले कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए एक संयुक्त समिति द्वारा निरीक्षण किए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही खतरनाक कारखानों की सुरक्षा संबंधी जानकारी और रासायनिक भंडारण क्षमता को जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा करने के निर्देश दिए गए।
कई औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में एएसपी महेंद्र नाथ मुर्मू, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर दास, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि, अग्निशमन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जेएसडब्ल्यू सीमेंट, लार्सन एंड टुब्रो, कंसबाहल, रुंगटा स्टील, महावीर फेरो अलॉयज, चुरून स्टील, एनटीपीसी दार्लीपाली, एनएसपीसीएल राउरकेला, इंडियन डेटोनेटर्स लिमिटेड, लिंडे इंडिया, इंडियन ऑयल और गेल गैस सहित कई औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।


