एनएच-एसएच से घुमंतू पशुओं को हटाकर गौधामों में किया जाएगा सुरक्षित व्यवस्थापन

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बिलासपुर, 25 अगस्त 2026। जिले के राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर विचरण करने वाले घुमंतू पशुओं को अब सुरक्षित रूप से गौधामों में विस्थापित किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में घुमंतू पशुओं के विस्थापन और गौधामों के सुचारू संचालन को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को समन्वित कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

चिन्हांकित मार्गों से हटाए जाएंगे घुमंतू पशु

कलेक्टर ने जिले के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के चिन्हांकित हिस्सों में घुमंतू पशुओं की स्थिति की समीक्षा की। इनमें नेहरू चौक से भोजपुरी, पेंड्रीडीह से पाराघाट, पेंड्रीडीह से पंडरापथरा, नेहरू चौक से तखतपुर और नेहरू चौक से बछौद तक के मार्ग शामिल हैं।

इन मार्गों से पशुओं की जप्ती और सुरक्षित व्यवस्थापन के लिए एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए।

नवीन स्वीकृत गौधामों में शुरू होगा विस्थापन

कलेक्टर ने गौसेवा आयोग से नवीन अनुमोदित गौधामों में पशुओं के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी। छतौना, पाराघाट, लावर, किरारी, निरतु, घुटकू, काठाकोनी, मोपका एवं रहंगी के गौधामों के अनुबंध और सुरक्षा निधि संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन गौधामों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और एनएच एवं एसएच से घुमंतू पशुओं का समुचित व्यवस्थापन कराने के निर्देश दिए।

गौधामों में चारा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

कलेक्टर ने सभी स्वीकृत गौधामों में चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संबंधित योजना के तहत राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गौधामों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

प्रजनन योग्य सांडों का निःशुल्क वितरण

बैठक में पशु चिकित्सा विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रजनन योग्य सांडों के निःशुल्क वितरण की अभिनव पहल पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ, नगरीय निकायों के अधिकारियों और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बैठक कर योजना की जानकारी देने तथा पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय से इस पहल को जल्द धरातल पर उतारा जाए, ताकि पशुधन की नस्ल सुधार के साथ पशुपालकों को भी लाभ मिल सके।

गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

कलेक्टर ने जिले में पहले से संचालित गौधामों की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें भविष्य में स्वावलंबी बनाने के लिए नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने गौधाम ओखर के संचालक से वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी ली।

संचालक ने बताया कि गौधाम में गोबर से धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन सामग्री और दीये तथा गौमूत्र से अर्क तैयार कर बेंगलुरु में विक्रय किया जा रहा है। इससे गौधाम को आय प्राप्त हो रही है।

कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए जिले के अन्य गौधामों को भी स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ऐसे नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गौधाम केवल पशु संरक्षण के केंद्र न होकर स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के माध्यम भी बन सकते हैं।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. जीएसएस तंवर, नगर निगम के उपायुक्त सहित जिले के सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के सीईओ, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी और संचालित गौधामों के अध्यक्ष उपस्थित रहे।

रिपोर्टर: अभिषेक कुमार पाण्डेय
बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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