धनंजयगढ़ :- दुर्गापुर खुली खदान का S.E.C.L द्वारा D.G.P.S सर्वे का काम खदान आवंटन का अधिग्रहित भूमि पर समस्त अधिकार फरवरी 2016 में प्राप्त होने के 10 वर्षों बाद उम्त सर्वे का काम कंपनी प्रबंधन द्वारा शासन द्वारा प्राप्त अपने अधिकार वाले क्षेत्र में कर रहा है।
डी.जी.पी.एस सर्वे कोयला खदानों में सटीक स्थान और नक्शा प्रधान करने सुरक्षित, कुशल, और कानूनी रूप से अनुपालन करने खदान के भू-संदर्भन और और स्थलकृति विवरण को सटीकता से जानने के लिए किया जाता है यह एक पारंपरिक सर्वे है।
इससे परियोजना की योजना जोखिम विश्लेषण खनन कार्यो मैं पर्यावरण प्रभाव की निगरानी के साथ माइंस एरिया का बाउण्ड्री, सटीक, सीमांकन, सर्व क्षेत्र के भौतिक और भू वैज्ञानिक को समझने विस्तृत स्थल कृति सर्वे हो उसमें भू-भाग बाधा नहीं के साथ गणना में घनी वनस्पति बाधा नहीं होती।
S.E.C.L को प्राप्त 1677 हेक्टेयर भूमि पर कुल 10 पॉइंट निर्धारित किया जाना है इन प्वाइंटों से कंपनी द्वारा D.G.P.S सर्वे के अनुसार ड्रोन उदय जाना है ड्रोन के द्वारा प्राप्त मानचित्रानुसार कोल कंपनी के अधिग्रहित भू-भाग पर स्थित परिसंपत्तियां की गणना भी कर सकता हैं।
दुर्गापुर 2 खोली खदान ओपन करने के लिए यहां सर्वे अंतिम सर्वे है इसके बाद अधिग्रहित एरिया पर धारा-23 का काम कंपनी प्रबंधन के एवं राज्य प्रशासनिक को संयुक्त टीम के द्वारा गणना का काम धारा 24 का परिपालन किया जावेगा तथा धारा 28 में कोयला उत्खनन एवं 30 में पुनर्वासान और पुनर्व्यवस्थापन का कार्य किया जाना है।
प्रभावित क्षेत्र डी.जी.पी.एस सर्वे करने के लिए S.E.C.L टीम के सी.एम.पी.डी.आई की टीम के द्वारा किया जा रहा है प्रभावित क्षेत्र के किसान उम्त क्षेत्र में कार्यरत सर्वे कराया जाने सहयोग करते नजर आ रहे हैं तथा बाहरी के गिनती के किस भारतमाला परियोजना में सड़क परियोजना के लिए सहयोग प्रदान करने वाले परियोजना में अपनी स्वार्थ पूर्ति ना होते देख परेशान होते नजर आ रहे हैं।

