विलुप्त होती पारंपरिक कबड्डी को बचाने खिलाड़ियों का प्रयास, उद्घाटन समारोह में संदीप दास रहे मुख्य अतिथि
राजगांगपुर। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के राजगांगपुर स्थित गुरुद्वारा प्रांगण में आज से तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता (Rajgangpur Kabaddi Competition) का शुभारंभ हुआ। देश में धीरे-धीरे कम होती जा रही पारंपरिक कबड्डी को बढ़ावा देने और खेल को जीवित रखने के उद्देश्य से इस आयोजन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई जिलों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
इस कबड्डी प्रतियोगिता में ओडिशा के विभिन्न जिलों से पहुंचे खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। राजगांगपुर शहर में हर वर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसे स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का अच्छा समर्थन मिलता है।
क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में रोमांच
प्रतियोगिता के दौरान क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में कुत्रा बनाम राजगांगपुर, राउरकेला बनाम झारसुगुड़ा और सुंदरगढ़ बनाम बोनाई की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। समाचार लिखे जाने तक प्रतियोगिता जारी थी और सभी की नजरें फाइनल में पहुंचने वाली टीमों पर टिकी हुई थीं।
खेल को बचाने में खिलाड़ियों का योगदान
स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के सहयोग से राजगांगपुर के खिलाड़ी विलुप्त होती जा रही कबड्डी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। आयोजनकर्ताओं का उद्देश्य युवाओं को पारंपरिक खेलों से जोड़ना और खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है।
संदीप दास ने किया प्रतियोगिता का शुभारंभ
प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बजरंग दल के संदीप दास ने खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजगांगपुर के खेल प्रेमी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।



