विष्णुदेव साय सरकार को सदन का विश्वास, मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष द्वारा विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ लाया गया 136 बिंदुओं का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत हो गया। इस प्रस्ताव पर सदन में 14 घंटे 26 मिनट तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नोकझोंक चली। हंगामे के चलते एक बार सदन की कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी। अंततः रात करीब 2:36 बजे अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।
18 विधायकों ने रखा अपना पक्ष
अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के 18 विधायकों ने भाग लिया। विभिन्न मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच लंबी बहस हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए चर्चा का जवाब दिया।
मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीते ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए जनता का विश्वास मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीबों और आदिवासी समाज के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लेकर जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।
दिसंबर में होगा शीतकालीन सत्र
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।


