गैंगखोली बस्ती में चला रेलवे प्रशासन का बुलडोजर, लगभग 20 झोपड़ियां हटाईं गईं

Advertisement
Advertisement

प्लेटफॉर्म विस्तार और अमृत भारत योजना के तहत रेलवे ने हटाया अतिक्रमण, RPF की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

चक्रधरपुर। रेलवे विकास कार्यों को गति देने के लिए चक्रधरपुर रेलवे प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगखोली बस्ती में स्थित अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान लगभग 20 झुग्गी-झोपड़ियों और एक खटाल को हटाया गया।

रेलवे सुरक्षा बल की निगरानी में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान

यह कार्रवाई रेलवे रनिंग रूम के पीछे स्थित गैंगखोली बस्ती में की गई। मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) थाना प्रभारी कमलेश सोरेन, सब इंस्पेक्टर भारती पांडे, सुरेंद्र प्रधान सहित अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे। उनकी निगरानी में जेसीबी मशीन के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

रेल प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई चक्रधरपुर स्टेशन के विकास और प्लेटफॉर्म क्रमांक-1A के विस्तार कार्य के लिए आवश्यक थी।

पहले से दिया गया था नोटिस, चार महीने पहले दी गई थी चेतावनी

रेलवे प्रशासन द्वारा बताया गया कि अतिक्रमण हटाने से पहले बस्तीवासियों को लगभग चार माह पूर्व नोटिस जारी किया गया था। शनिवार को भी अभियान प्रस्तावित था, लेकिन किसी कारणवश इसे स्थगित करना पड़ा था। मंगलवार को इसे पुनः शुरू किया गया।

कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने स्वयं ही अपने सामान हटाकर झोपड़ियां खाली कर दीं।

महिलाओं ने किया विरोध, बेघर होने का आरोप

कार्रवाई के दौरान बस्ती की महिलाओं ने विरोध भी दर्ज कराया। स्थानीय महिला शांति चौहान ने आरोप लगाया कि वे लंबे समय से यहां रह रही थीं और अचानक हटाए जाने से वे बेघर हो गई हैं।

यशोदा देवी ने भी कहा कि वर्षों से बसे लोगों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाना उचित नहीं है। वहीं संगीता मुखी ने बताया कि वह यहां सब्जी का व्यापार कर अपनी आजीविका चला रही थीं, लेकिन अब उनका रोजगार प्रभावित हो गया है।

पार्षद की अनुपस्थिति से बढ़ा आक्रोश

वार्ड क्रमांक-15 और 16 के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षद को सूचना दी, लेकिन उनके मौके पर नहीं पहुंचने से बस्तीवासियों में नाराजगी देखी गई।

रेलवे विकास कार्यों के लिए आगे और हटेगा अतिक्रमण

रेल प्रशासन के अनुसार गैंगखोली बस्ती से आगे भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसमें सरस्वती शिशु विद्यामंदिर तक लगभग 120 से 150 झोपड़ियों को हटाने की योजना शामिल है।

Advertisement
Share This Article