रायगढ़@खबर सार :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। महज एक हफ्ते के अंदर तमनार के बाद अब लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत नवीन घट गांव के खेतों में अफीम की खेती पकड़ी गई है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को आज तड़के ही इसकी सूचना मिली, जिसके बाद जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने तुरंत पुलिस टीमों को मौके पर रवाना कर दिया। टीम फिलहाल घटनास्थल पर जांच में जुटी हुई है।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि रायगढ़ जिले में लगातार दूसरे मामले में अफीम की खेती सामने आई है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह चौकन्ना हो गया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर अफीम की खेती हो रही है तो किसी को सूंघ भी नहीं आई? क्या स्थानीय लोग धमकाए गए थे? या फिर कोई बड़ा सियासी संरक्षण काम कर रहा है?
स्थानीय कांग्रेस नेता रवि भगत ने भी इस मामले पर फेसबुक पोस्ट कर सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा- “तमनार के बाद अब लैलूंगा में भी अफीम की खेती।” पोस्ट में उन्होंने प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं, भाजपा नेता तुरंत कांग्रेसियों पर पलटवार शुरू कर देते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि मौजूदा सरकार भाजपा की ही है। ऐसे में जवाबदेही भी उन्हीं की है। आखिर जिले में अवैध अफीम की खेती का यह नेटवर्क किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है? कौन सा नेता या शक्तिशाली व्यक्ति इसके पीछे है? सच कब सामने आएगा?
जिला प्रशासन ने अभी तक किसी बड़े नेता या व्यक्ति का नाम नहीं लिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच की गहराई बढ़ाई जा रही है। यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो जिले के युवाओं के भविष्य के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की शांति को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
पुलिस ने घटनास्थल से नमूने एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। आगे की जानकारी मिलते ही अपडेट किया जाएगा। प्रशासन से अपील है कि इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वह कोई भी हो।