नाकेबंदी में फंसी तस्करों की कार, धौराभांठा मेन रोड पर पुलिस की सटीक घेराबंदी
रायगढ़, 20 अप्रैल। जिले में नशे के अवैध कारोबार पर चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन आघात (operation aghaat)” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना तमनार और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ओडिशा से गांजा तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने धौराभांठा मेन रोड पर नाकेबंदी कर संदिग्ध कार को रोककर यह कार्रवाई अंजाम दी।
डिक्की में छिपाकर ला रहे थे गांजा, 9 पैकेटों में 60 किलो मादक पदार्थ बरामद
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक कार में भारी मात्रा में गांजा लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने वाहन क्रमांक OR-15-T-7372 को रोककर तलाशी ली। जांच में कार की डिक्की से 9 पैकेटों में भरा करीब 60 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके से वीवो (vivo) और ओप्पो (oppo) कंपनी के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
20 लाख से ज्यादा की संपत्ति जब्त, ओडिशा से जुड़े नेटवर्क का खुलासा
जब्त गांजे की कीमत करीब 15 लाख 14 हजार 750 रुपये आंकी गई है। इसके अलावा कार और मोबाइल सहित कुल 20 लाख 24 हजार 750 रुपये की संपत्ति पुलिस ने जब्त की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा के एक सप्लायर से संपर्क कर गांजा लाकर अवैध बिक्री के लिए परिवहन कर रहे थे, जिससे अंतरराज्यीय नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार—एक फरार
पुलिस ने मामले में थाना तमनार में अपराध दर्ज कर धारा 20 (बी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोहन लाल सिदार (40) और विनोद प्रधान (33) के रूप में हुई है, जबकि मुख्य सप्लायर कमल मेहर फरार बताया जा रहा है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
लगातार कार्रवाई से नशे के कारोबार पर सख्ती, पुलिस का साफ संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे “ऑपरेशन आघात (operation aghaat)” के तहत जिले में नशे के कारोबार पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीम की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता, तस्करी पर कसा शिकंजा
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी तस्करी को रोका जा सका।
