रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज में दो रातों के भीतर हाथियों ने 7 ग्रामीणों के कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि कई किसानों की धान की फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। वहीं घरघोड़ा रेंज में एक हाथी स्कूल परिसर में घुस गया और बाउंड्रीवाल को तोड़ दिया। घटना के बाद वन विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
दो रात तक गांवों में मचाया उत्पात
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात जंगल से निकलकर तीन हाथी अलोला गांव पहुंचे। यहां उन्होंने किसान संतोष की धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद बसंती बाई, रामकुमार, लक्ष्मणराम, जगरसाय, शिवा चौहान, समोतिराम और घुरसाय के कच्चे मकानों की दीवारें तोड़ दीं।
हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीण सतर्क हो गए और सुरक्षित स्थानों पर चले गए। समय रहते लोगों के बाहर निकल जाने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
कई किसानों की फसलें भी हुईं बर्बाद
अगली रात भी यही हाथी अलोला और इदंकालो गांव के आसपास पहुंचे। इस दौरान आदेराम राठिया, परमेश्वर, हरिशंकर, विजय राठिया, तीजराम तथा कमरई गांव के परसराम की धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया।
20 हाथियों के दल ने भी मचाई तबाही
बाकारूमा रेंज के सोखमुड़ा, जमाबीरा और मदनपुर गांव में 20 हाथियों के दल ने किसानों क्रिस्टोफर, विनोद और रामलाल की धान की फसलें रौंद दीं। इसके अलावा एक शौचालय भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
स्कूल की बाउंड्रीवाल तोड़ी
वहीं रायगढ़ वन मंडल के घरघोड़ा रेंज के चारमार गांव में एक हाथी जंगल से निकलकर स्कूल परिसर में पहुंच गया। हाथी ने अपनी सूंड से स्कूल की बाउंड्रीवाल गिरा दी, जिससे परिसर को नुकसान पहुंचा।
वन विभाग ने शुरू किया नुकसान का आकलन
घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंचकर मकानों, फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का सर्वे कर रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा हाथियों की गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई है।


