12 साल पहले हुई जमीन रजिस्ट्री को लेकर ब्लैकमेलिंग का आरोप, पुलिस से जान-माल की सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
सूरजपुर। प्रतापपुर नगर पंचायत के एक व्यवसायी ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, एससी-एसटी (एट्रोसिटी) एक्ट के झूठे मामले में फंसाने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए प्रतापपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को दिए आवेदन में व्यवसायी ने अपनी और परिवार की जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
2014 में खरीदी थी जमीन, 2015 में हुआ था नामांतरण
शिकायत के अनुसार, प्रतापपुर निवासी व्यवसायी सचिन अग्रवाल की पत्नी संध्या अग्रवाल ने वर्ष 2014 में ग्राम सरहरी के रामबंकस, सनूप, रामबरन सहित कुल 11 लोगों से 32.50 लाख रुपये में निजी भूमि खरीदी थी। वर्ष 2015 में तहसीलदार न्यायालय प्रतापपुर के आदेश के बाद भूमि का विधिवत नामांतरण भी हो गया था। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उस समय संबंधित भूँईया जाति अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल थी, जिसे वर्ष 2022 के बाद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में शामिल किया गया।
कानूनी बदलाव का फायदा उठाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप
व्यवसायी ने आरोप लगाया है कि इसी बदलाव का फायदा उठाकर विनोद जायसवाल नामक व्यक्ति, जो स्वयं को यूट्यूबर बताता है, ग्रामीणों को आगे कर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है। शिकायत में कहा गया है कि 12 जुलाई 2026 को आरोपी ने 5 लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से बदनाम करने की धमकी दी।
एट्रोसिटी एक्ट में फंसाने और जान से मारने की धमकी का आरोप
आवेदन के अनुसार, 13 जुलाई को जब व्यवसायी अपनी कृषि भूमि खोरमा के पास पहुंचे, तब आरोपी ने दोबारा रोककर कथित रूप से कहा कि यदि 5 लाख रुपये नहीं दिए तो उन्हें भूँईया समाज के मामले में एट्रोसिटी एक्ट के तहत फंसा दिया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत, पुलिस जांच में जुटी
व्यवसायी ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की गई है। लगातार मिल रही कथित धमकियों से परिवार भयभीत है। पीड़ित ने प्रतापपुर थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।





