नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावपूर्ण हालात के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार (9 जून) को कुवैत के अमीर Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और लगातार बिगड़ते हालात पर विस्तार से चर्चा की।
क्षेत्रीय सुरक्षा संकट पर गंभीर चिंता
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, बातचीत में पश्चिम एशिया में उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों और हालिया घटनाओं पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब पूरा क्षेत्र तनाव और संघर्ष की स्थिति से गुजर रहा है।
कुवैत हवाई अड्डे पर हमले का मुद्दा उठा
यह बातचीत उस घटना के बाद हुई जिसमें 3 जून को कुवैत हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। इस हमले में हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुंचा था और कई लोग घायल भी हुए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कुवैत की संप्रभुता और अखंडता पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए तत्काल कूटनीतिक प्रयासों की अपील की।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए अमीर द्वारा दिए जा रहे व्यक्तिगत ध्यान के लिए उनका धन्यवाद किया। भारत ने इस कूटनीतिक संवाद को दोनों देशों के मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक बताया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर वैश्विक चिंता
इसी बीच, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका की ओर से ईरान पर दबाव और समुद्री मार्गों को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने की खबरों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
अमेरिकी नेतृत्व के अनुसार, जब तक ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक रणनीतिक दबाव बनाए रखने की नीति जारी रहेगी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर की आशंका बनी हुई है।
कूटनीतिक समाधान की उम्मीद
हालांकि अमेरिका की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि बैकचैनल बातचीत के जरिए आने वाले दिनों में किसी बड़े कूटनीतिक समझौते की संभावना बन सकती है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।


