खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में माल लदान का अवसर, ग्राहकों को 20 प्रतिशत तक रियायत

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बिलासपुर, 27 अगस्त 2026। भारतीय रेलवे ने मालगाड़ियों की खाली वापसी क्षमता का अधिकतम उपयोग करने और माल परिवहन को किफायती बनाने के लिए ‘परंपरागत खाली प्रवाह दिशा योजना’ (Traditional Empty Flow Directions) लागू की है। इसके तहत उन दिशाओं में माल लदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जहां माल उतारने के बाद मालगाड़ियां सामान्यतः खाली लौटती हैं।

इस पहल से माल ग्राहकों को रियायती माल भाड़े पर अपने उत्पाद विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। साथ ही रेलवे को अतिरिक्त माल यातायात प्राप्त होने की उम्मीद है।

20 प्रतिशत तक मिलेगी माल भाड़े में छूट

परंपरागत खाली प्रवाह दिशा में माल लदान के लिए लागू सरलीकृत स्वचालित माल भाड़ा छूट योजना के संशोधित प्रावधान 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगे।

अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं में पात्र माल के लदान पर सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह छूट निर्धारित पात्रता और अन्य शर्तों के अनुसार लागू होगी।

क्या है खाली प्रवाह दिशा योजना?

भारतीय रेलवे के कई मार्गों पर मालगाड़ियां एक दिशा में माल लेकर जाती हैं और माल उतारने के बाद दूसरी दिशा में खाली लौटती हैं। योजना का उद्देश्य इसी खाली वापसी यात्रा में उपलब्ध क्षमता का उपयोग माल ढुलाई के लिए करना है।

यानी जिस दिशा में मालगाड़ी सामान्यतः खाली लौटती है, उस दिशा में पात्र माल लदान करने वाले ग्राहक को कम माल भाड़े का लाभ मिल सकेगा।

ग्राहकों को स्वतः मिलेगा छूट का लाभ

योजना की खासियत यह है कि निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली पात्र माल खेप पर माल भाड़े की छूट रेलवे की व्यवस्था के माध्यम से स्वतः लागू होगी। इसके लिए ग्राहकों को प्रत्येक पात्र खेप के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।

छूट केवल रेलवे द्वारा निर्धारित और अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं में पात्र माल पर लागू होगी। संबंधित दिशा, माल की पात्रता, छूट की दर और अन्य शर्तें रेलवे के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होंगी।

उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा फायदा

रियायती माल भाड़े से उद्योगों, व्यापारियों और अन्य माल ग्राहकों को कम लागत में अपने उत्पाद दूर-दराज के क्षेत्रों और नए बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। माल ढुलाई की लागत कम होने से उत्पादों की कुल लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

रेल परिवहन के जरिए नए बाजारों तक उत्पादों की पहुंच बढ़ने से व्यापारियों और उत्पादकों को कारोबार विस्तार का अवसर मिलेगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों में वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कर रहा ग्राहकों को जागरूक

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा वर्तमान और संभावित माल ग्राहकों को इस योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही उन दिशाओं में नए माल यातायात की संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जा रहा है, जहां मालगाड़ियां सामान्यतः खाली लौटती हैं।

रेलवे के अनुसार, यह पहल खाली लौटने वाली मालगाड़ियों की क्षमता के बेहतर उपयोग, माल परिवहन लागत में कमी, रेल संसाधनों के अधिकतम उपयोग और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सरल शब्दों में, जो मालगाड़ी एक दिशा में माल पहुंचाने के बाद दूसरी दिशा में खाली लौटती थी, अब उसी वापसी यात्रा में पात्र माल को रियायती दर पर ले जाने का अवसर मिलेगा।

रिपोर्टर — अभिषेक कुमार पाण्डेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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