बिरहोर विकास प्रकोष्ठ की पहली बैठक, हर परिवार तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ

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बिलासपुर, 27 अगस्त 2026। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) बिरहोर समुदाय के परिवारों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गठित बिरहोर विकास प्रकोष्ठ की पहली बैठक गुरुवार को मंथन सभाकक्ष में कलेक्टर शसंजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामगोपाल सहित सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जिले के मस्तूरी और कोटा विकासखंड के छह गांवों में बिरहोर समुदाय की करीब 450 आबादी निवास करती है।

हर परिवार की होगी योजना-वार जांच

कलेक्टर ने बैठक में बिरहोर परिवारों को मिल रही शासकीय सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार पट्टा सहित विभिन्न योजनाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।

उन्होंने कोटा जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक बिरहोर परिवार की परिवारवार जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलने की स्थिति की भी जानकारी लेने के निर्देश दिए गए।

बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर

कलेक्टर शसंजय अग्रवाल ने बिरहोर समुदाय के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल और आंगनबाड़ी नहीं जाने वाले बच्चों की जानकारी लेकर उन्हें नियमित रूप से शिक्षा से जोड़ने को कहा।

उन्होंने कहा कि बच्चों का स्कूल जाना और पढ़ना-लिखना सबसे जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों को परिवारों के साथ समन्वय कर आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

रुचि के अनुसार तैयार होगी रोजगार की कार्ययोजना

बैठक में बिरहोर समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी जरूरतों और रोजगार संबंधी रुचि की जानकारी भी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि समुदाय की पसंद और क्षमता के अनुसार रोजगार की कार्ययोजना तैयार की जाए।

इसके तहत झाड़ू-टोकरी और अन्य बांस उत्पाद निर्माण, खेती-बाड़ी, सब्जी उत्पादन तथा मछली पालन जैसे विकल्पों पर काम करने की बात कही गई। मछली पालन में रुचि रखने वाले परिवारों के लिए डबरी निर्माण की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उद्यान विभाग को मुनगा और हल्दी की पौध उपलब्ध कराने तथा समूह के माध्यम से सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। समुदाय की ओर से सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।

पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

बैठक में बिरहोर बस्तियों में पेयजल की समस्या का मुद्दा भी सामने आया। पाइपलाइन में खराबी के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कर सभी परिवारों को नल से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने एक गांव का चयन कर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को संयुक्त रूप से वहां जाकर परिवारों की समस्याओं और जरूरतों का आकलन करने को कहा।

जरूरत समझकर दी जाएगी सहायता

कलेक्टर ने कहा कि बिरहोर समुदाय के विकास के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि परिवार वास्तव में क्या करना चाहते हैं। उनकी रुचि और जरूरत के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराकर उनकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन समन्वित प्रयास करेगा।

रिपोर्टर — अभिषेक कुमार पाण्डेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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