तीन वर्षों में 27.92 लाख सैनिकों तक पहुंचा रक्षा-सूत्र, इस वर्ष 3 अगस्त से दंतेवाड़ा से होगी अभियान की शुरुआत
छत्तीसगढ़ की माटी को देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय सैनिकों तक पहुंचाने वाले ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र 0.4 वर्ष 2026’ का शुभारंभ हो गया है। पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” और पूर्व सैनिक महासभा द्वारा संचालित इस अभियान के तहत स्कूली बच्चे, महिलाएं और आमजन सैनिकों के लिए राखी, अपने आंगन की एक चुटकी मिट्टी और भावनात्मक पत्र तैयार कर सेना मुख्यालय भेजते हैं। पिछले तीन वर्षों में अभियान के माध्यम से 27 लाख 92 हजार भारतीय सैनिकों तक रक्षा-सूत्र पहुंचाए जा चुके हैं।
रक्षा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक बने अभियान के संरक्षक
Operation Sipahi Raksha Sutra 2026 के संरक्षक मंडल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, गृहमंत्री विजय शर्मा, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शामिल हैं। अभियान के प्रधान संरक्षक परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव और परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बाना सिंह हैं।
राखी के साथ सैनिकों को भेजी जाएगी छत्तीसगढ़ की माटी
अभियान के तहत विद्यार्थी और नागरिक एक साधारण लिफाफे में अपने घर-आंगन की एक चुटकी मिट्टी, एक राखी और सैनिकों के नाम संदेश लिखकर भेजेंगे। पत्र में सैनिकों के प्रति सम्मान और देश की रक्षा के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की जाएंगी। कई सैनिक इन पत्रों का जवाब भी भेजते हैं, जिससे आम नागरिकों और सेना के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
3 अगस्त से शुरू होगी राज्यव्यापी संग्रहण यात्रा
Operation Sipahi Raksha Sutra 2026 की संग्रहण यात्रा 3 अगस्त को दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होगी। इसके बाद जगदलपुर, कोंडागांव, कांकेर, राजिम, रायपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, खैरागढ़, बेमेतरा, कवर्धा, लोरमी, तखतपुर, अकलतरा, जांजगीर, खरसिया, रायगढ़, सक्ती, चांपा, कोरबा और पाली-रतनपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में संग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 15 अगस्त को बिलासपुर से भव्य शोभायात्रा के बाद अभियान देश के अन्य राज्यों के लिए रवाना होगा।
दिल्ली तक पहुंचेगा रक्षा-सूत्र अभियान
छत्तीसगढ़ के बाद अभियान अंबिकापुर, रांची, वाराणसी, अयोध्या, लखनऊ, आगरा, मथुरा होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगा, जहां भारतीय सेना मुख्यालय में रक्षा-सूत्र का स्वागत किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष रक्षा मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में अभियान का स्वागत प्रस्तावित है।
स्कूलों और सामाजिक संगठनों से जुड़ने की अपील
अभियान के संयोजक एवं पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने स्कूलों, स्काउट-गाइड, महिला समूहों और सामाजिक संगठनों से इस राष्ट्रसेवा अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश की जनता और सीमाओं पर तैनात सैनिकों के बीच आत्मीय संबंध का सशक्त माध्यम बन चुका है।





