कृषि महाविद्यालय रायगढ़ की पहल, प्रति किसान पांच किलोग्राम ‘छत्तीसगढ़ श्री चंद्रहासिनी धनिया’ का आधार बीज वितरित कर वैज्ञानिक खेती की दी गई जानकारी
मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने की पहल
रायगढ़। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, रायगढ़ द्वारा लैलूंगा विकासखंड के सौ से अधिक किसानों को धनिया के उन्नत बीज वितरित किए गए। यह पहल महाविद्यालय में संचालित अखिल भारतीय समन्वित मसाला अनुसंधान परियोजना की आदिवासी उप योजना के अंतर्गत की गई। इसके तहत प्रत्येक किसान को पांच किलोग्राम की दर से महाविद्यालय द्वारा विकसित उन्नत प्रजाति ‘छत्तीसगढ़ श्री चंद्रहासिनी धनिया’ का आधार बीज प्रदान किया गया।

वैज्ञानिक खेती की तकनीकों से किसानों को कराया गया अवगत
शासकीय उद्यान रोपणी, लैलूंगा में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ. ए.के. सिंह ने किसानों को धनिया की वैज्ञानिक खेती के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बुवाई की उचित विधि, फसल की गुड़ाई, रोगों से बचाव तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए अपनाई जाने वाली आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में बताया।
मसाला फसल अपनाकर आय बढ़ाने के लिए किया प्रोत्साहित
इस अवसर पर ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्रीमती कविता पैंकरा एवं श्री संदीप केरकेट्टा ने धनिया के मसाला फसल के रूप में महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने किसानों को धनिया की खेती अपनाने, उन्नत कृषि तकनीकों का उपयोग करने और बेहतर उत्पादन के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि करने के लिए प्रोत्साहित किया।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ बीज वितरण
कार्यक्रम में जिला पंचायत रायगढ़ के उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, श्री ललित यादव, श्रीमती सौभागी गुप्ता, श्री चरणसिंह नाग एवं श्री अमरसाय नाग सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज के साथ वैज्ञानिक खेती की जानकारी उपलब्ध कराकर मसाला फसलों के उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
