सड़क हादसे में घायल को ग्लूकोज चढ़ाकर सो गई नर्स, रात में ड्यूटी डॉक्टर भी नदारद
मरवाही/जीपीएम मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली एक बार फिर युवक की मौत का कारण बन गई। सड़क हादसे में घायल ग्राम नौरार निवासी युवक की इलाज के अभाव में रात में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि 30 बेड का सीएचसी रात में एक नर्स के भरोसे चल रहा था। उसने ग्लूकोज की बोतल लगाकर खुद ड्यूटी रूम में सो गई और मरीज रातभर तड़पता रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नौरार निवासी चंद्रशेखर पिता मंगल सिंह मरावी का गुरुवार रात करीब 9:30 बजे मरवाही रोड पर बाइक से एक्सीडेंट हो गया था। 108 एम्बुलेंस से उसे रात में मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
मृतक के भाई ने बताया कि अस्पताल में रात के समय कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं था। परिजनों का आरोप है कि रात में डॉ. एम. सराफ की ड्यूटी थी, लेकिन वे अस्पताल में मौजूद नहीं थे। पूरी इमरजेंसी में केवल एक स्टाफ नर्स..मौजूद थी। आरोप है कि नर्स ने चंद्रशेखर को ग्लूकोज की बोतल लगाई और खुद ड्यूटी रूम में जाकर सो गई। रात में चंद्रशेखर की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के कई बार बुलाने पर भी कोई नहीं आया। अंततः तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई।
बचा सकते थे, पर एक नर्स के भरोसे पूरा अस्पताल
मृतक के पिता मंगल सिंह मरावी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है, “मेरा बेटा जिंदा था जब अस्पताल लाए थे। यहां एक नर्स के भरोसे पूरा अस्पताल चल रहा है। डॉक्टर सराफ की ड्यूटी थी पर वे नहीं मिले। ग्लूकोज चढ़ाकर भगवान भरोसे छोड़ दिया। पूरी रात कोई झांकने तक नहीं आया।”
स्थानीय लोगों ने बताया कि मरवाही सीएचसी में रात के समय हमेशा स्टाफ की कमी रहती है। पर्याप्त नर्स होने के बावजूद नाइट ड्यूटी में सिर्फ एक नर्स की ड्यूटी लगाई जाती है। इमरजेंसी में अक्सर ताला लगा रहता है। एक नर्स और एक वार्डबॉय के भरोसे 30 बेड का अस्पताल चल रहा है। एक्स-रे, पैथोलॉजी की सुविधा भी रात में बंद रहती है।
शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दोषी नर्स और ड्यूटी डॉक्टर डॉ. एम. सराफ पर FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।




