ओडिशा से लाकर रायगढ़ में खपाने की थी तैयारी, संयुक्त टीम ने दबोचा
रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन आघात” के तहत नशे के कारोबारियों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 98 प्रतिबंधित नशीली इंजेक्शन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा से इंजेक्शन लाकर रायगढ़ में बिक्री की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
मुखबिर की सूचना पर मरीन ड्राइव क्षेत्र में हुई घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना चक्रधरनगर एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि मरीन ड्राइव रोजगार कार्यालय के पास एक युवक बड़ी मात्रा में नशीली इंजेक्शन लेकर बिक्री के उद्देश्य से बैठा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पंजरी प्लांट मरीन ड्राइव क्षेत्र में घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस को देखकर संदिग्ध युवक भागने लगा, लेकिन जवानों ने उसे तत्काल पकड़ लिया।
98 प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त, नहीं दिखा सका कोई दस्तावेज
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष डंडरिया (22 वर्ष) निवासी बृजराजनगर, जिला झारसुगुड़ा (ओडिशा) बताया। उसके कब्जे से 98 नग NRXPENTAZOCINE LACTATE INJECTION I.P. (ZOXIFIX) बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 5,953 रुपये आंकी गई है।
आरोपी ने इंजेक्शन बिक्री के लिए रखना स्वीकार किया, लेकिन इनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने इंजेक्शन जब्त कर आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की।
सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को नशीली इंजेक्शन कहां से प्राप्त हुई और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा : एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रतिबंधित नशीले पदार्थों और इंजेक्शनों की तस्करी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से भी ऐसे अपराधों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।


