मनेन्द्रगढ़ (बिलासपुर मंडल)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल द्वारा मनेन्द्रगढ़ स्टेशन यार्ड में रेल आपदा प्रबंधन टीम एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा।
ट्रेन में बम विस्फोट और डिरेलमेंट का सीन रचा गया
मॉक ड्रिल के दौरान चिरमिरी-रीवा स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में बम विस्फोट होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना के अनुसार इस घटना में 5 यात्रियों की मृत्यु, 8 गंभीर रूप से घायल और 7 यात्रियों के सामान्य रूप से घायल होने तथा कोच के डिरेल होकर आग लगने की स्थिति दर्शाई गई।
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वाड और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और बम की पुष्टि करते हुए उसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
NDRF, रेलवे और सिविल डिफेंस ने दिखाया संयुक्त बचाव कार्य
इस अभ्यास में NDRF की 11वीं बटालियन, रेल आपदा प्रबंधन टीम (ART/ARME), सिविल डिफेंस, स्काउट एंड गाइड, फायर ब्रिगेड और SECL की माइंस टीम ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।
धुएं से भरे कोच से यात्रियों को सुरक्षित निकालने, आग पर काबू पाने और गंभीर घायलों को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया को लाइव तरीके से दिखाया गया।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था की हुई जांच
मॉक ड्रिल के दौरान रेलवे के विभिन्न विभागों द्वारा राहत शिविर, प्राथमिक उपचार केंद्र, पूछताछ केंद्र और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
मुख्यालय और मंडल वार रूम से महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग की गई। साथ ही सभी प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ‘May I Help You’ बूथ की व्यवस्था भी सक्रिय रखी गई।
उद्देश्य: तेज, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास से आपदा के समय फ्रंटलाइन स्टाफ, सुरक्षा बलों और स्थानीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनता है, जिससे वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।






