किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में मोटिवेशनल स्पीच, विद्यार्थियों को रोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश
रायगढ़। किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ में “पॉपुलर लेक्चर्स ऑन साइंस फॉर द बेटरमेंट ऑफ सोसाइटी” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक चिंतक एवं प्रेरक वक्ता रामचंद्र शर्मा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रेरणादायी संबोधन देते हुए शिक्षा, कौशल, रोजगार, आत्मनिर्भरता और समाज के बेहतर निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से विचार रखे।
डिग्री के साथ कौशल और रोजगारपरक क्षमता जरूरी
अपने संबोधन में रामचंद्र शर्मा ने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल, तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक क्षमता विकसित करनी होगी। समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब युवा शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोजगार हासिल करने के साथ-साथ रोजगार देने वाले भी बनें।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के रोजगार तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी परिवार और समाज की मजबूती में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिलाओं को शिक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है।
लक्ष्य तय कर तकनीक के साथ अपडेट रहें युवा
रामचंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को स्पष्ट करें, समय का सदुपयोग करें और बदलती तकनीक के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखें। उन्होंने असफलताओं से निराश न होने तथा निरंतर प्रयास करते रहने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उस प्रतिभा को सही दिशा देने की है।
विज्ञान और तकनीक का सामाजिक उपयोग जरूरी
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विज्ञान और तकनीक के सामाजिक उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आम समाज के जीवन को बेहतर, सरल और सुरक्षित बनाना होना चाहिए। युवाओं को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
विद्यार्थियों ने रुचिपूर्वक सुना संबोधन
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसरों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। विद्यार्थियों ने रामचंद्र शर्मा के संबोधन को रुचिपूर्वक सुना और विभिन्न विषयों पर उनसे संवाद भी किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
महाविद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियों का जताया आभार
कार्यक्रम के पश्चात रामचंद्र शर्मा ने किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के प्रबंधन, समस्त प्रोफेसरों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में अपने विचार साझा करने का अवसर मिलना उनके लिए प्रसन्नता और सम्मान का विषय है। ऐसे संवाद युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित करने और समाज के बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




