समस्याओं के समाधान के लिए आगामी बैठक में जमीनी आंदोलन की रणनीति बनाने पर जोर
रायगढ़। बीते दिनों विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे किसानों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख रूप से एग्रीटेक, खाद की उपलब्धता, बिजली बिल में बेतहाशा बढ़ोतरी, बिजली की आंख-मिचौली और फ्लाई ऐश जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।
एग्रीटेक को लेकर किसानों में नाराजगी
बैठक में किसानों ने एग्रीटेक व्यवस्था को लेकर अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के पास किसानों से जुड़ी राजस्व संबंधी इतनी जानकारी पहले से उपलब्ध है, इसके बावजूद एग्रीटेक के नाम पर किसानों को बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने व्यवस्था को सरल बनाने और अनावश्यक प्रक्रिया से राहत देने की मांग उठाई।
खाद के लिए सोसायटी के चक्कर लगाने को मजबूर किसान
किसानों ने बताया कि सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें खाद प्राप्त करने के लिए बार-बार सोसायटी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण सीजन में खाद की व्यवस्था सुचारू नहीं होने से उन्हें परेशानी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली बिल में बढ़ोतरी और बिजली की आंख-मिचौली का मुद्दा
बैठक में बिजली बिल में लगातार हो रही बढ़ोतरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिल उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली के कारण कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और बढ़ते खर्चों को लेकर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि एक ओर सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से आम परिवारों पर आर्थिक भार बढ़ रहा है।
फ्लाई ऐश से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा
बैठक में फ्लाई ऐश से होने वाली समस्याओं को लेकर भी किसानों ने चिंता व्यक्त की। किसानों ने संबंधित समस्याओं के स्थायी समाधान की आवश्यकता बताते हुए प्रशासन और शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने की बात कही।
आगामी बैठक में बनेगी जमीनी लड़ाई की रूपरेखा
किसानों ने कहा कि इन सभी समस्याओं का समाधान केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आगामी बैठक में इन मुद्दों को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार कर जमीनी स्तर पर संघर्ष एवं आंदोलन की रणनीति बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक में किसान नेता श्री लल्लू सिंह, हरविंद चौधरी, नीलकंठ साहू, सरजीत सिंह, सुनील पटेल, जनक राम साव, भीम दास महंत एवं दलवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और किसान हितैषी मौजूद रहे। सभी ने किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने की बात कही।


