OTP, UPI फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के बताए उपाय
अंबिकापुर, 17 अगस्त 2026। साइबर अपराधों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरगुजा पुलिस द्वारा “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व साइबर सेल के नोडल अधिकारी श्री रितेश चौधरी के मार्गदर्शन में अभियान के प्रथम सप्ताह में जिले के स्कूल-कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं नगर पालिका हायर सेकेंडरी स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

साइबर ठगी के नए तरीकों से कराया परिचित
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से OTP, UPI एवं QR Code फ्रॉड, फर्जी लिंक, APK फाइल, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, अनजान वीडियो कॉल, सेक्सटॉर्शन एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए।
पुलिस टीम ने समझाया कि साइबर ठग लोगों को डराकर, लालच देकर या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर कर ठगी का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देना जरूरी है।

OTP, PIN और बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की अपील
छात्र-छात्राओं को समझाइश दी गई कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड करने तथा किसी के कहने पर QR Code स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
सोशल मीडिया का उपयोग करते समय निजी फोटो, वीडियो एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
पुलिस टीम ने साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए घटना के बाद घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करना चाहिए।
“जागरूकता की एक Selfie” अभियान में लिया हिस्सा
कार्यक्रम के दौरान “जागरूकता की एक Selfie” अभियान के अंतर्गत छात्राओं को जागरूकता QR Code के संबंध में जानकारी दी गई। उन्हें QR Code के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के प्रति सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से छात्राओं ने QR Code के साथ Selfie भी ली।
पुलिस एवं साइबर वॉलंटियर्स ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. एजन टोप्पो, प्राचार्य विनोद सिंह, नवा विहान से श्री अजय तिवारी, डॉ. विश्वासी एक्का, प्रोफेसर डॉ. सृष्टि शैफाली मिंज, सहायक प्राध्यापक तथा सउनि अभय तिवारी, थाना गांधीनगर से विवेक चंद्राकर एवं अन्य पुलिस टीम, महिला थाना से महिला प्रधान आरक्षक एंजेला मिंज, प्रधान आरक्षक राजेश्वर खलखो, आरक्षक राहुल एवं महिला आरक्षक सविता मरावी सहित अन्य उपस्थित रहे।
वहीं पुलिस मितान एवं साइबर वॉलंटियर टीम से अतुल गुप्ता, बसंत श्रीवास्तव, आर्यन पाण्डेय, विकेश राजवाड़े, विभाश्री सिंह एवं राजकुमार ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, पुलिस टीम ने किया समाधान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। पुलिस एवं साइबर जागरूकता टीम ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतने के व्यावहारिक उपाय बताए।
करीब 500 छात्र-छात्राओं की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सजग करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। विद्यार्थियों ने स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।




