एसईसीएल मुख्यालय में राजभाषा पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ

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अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

दिनांक 12 सितंबर 2026

निदेशक मानव संसाधन बिरंची दास ने किया उद्घाटन, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर दिया जोर

बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में 12 सितंबर 2026 को राजभाषा पखवाड़ा 2026 के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने की। मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन तथा निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी-कर्मचारी और श्रमसंघ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में भी 14 से 28 सितंबर 2026 तक राजभाषा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है।

मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

समारोह की शुरुआत कार्यक्रम अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद राजभाषा पखवाड़े के उद्देश्यों और आयोजन की रूपरेखा पर जानकारी दी गई।

हिंदी को बताया सरल और सहज भाषा

निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने कहा कि हिंदी लोगों को एकसूत्र में जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि हिंदी सरल, सुगम और सुबोध भाषा है तथा देशभर में इसकी व्यापक स्वीकार्यता है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया। साथ ही राजभाषा पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

राजभाषा के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान

मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने कहा कि हिंदी आपसी संवाद को सहज और प्रभावी बनाने का माध्यम है। कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग से कार्यों में सरलता और सहजता आती है। उन्होंने दैनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की बात कही।

राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार

निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र ने कहा कि हिंदी देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को और बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि हिंदी के माध्यम से विचारों को सहजता से व्यक्त किया जा सकता है। राजभाषा पखवाड़ा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके प्रयोग को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

केंद्रीय मंत्रियों के संदेश का हुआ वाचन

समारोह के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी तथा केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के संदेशों का वाचन किया गया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में प्रबंधक (राजभाषा) सविता निर्मलकर ने राजभाषा पखवाड़े के उद्देश्यों और इसके अंतर्गत आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता की अपील की।

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