गुजरात को 5 गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों की सौगात, 4 राष्ट्र को समर्पित और एक की रखी गई नींव

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शिवलाखा से नमक लदी विशेष मालगाड़ी को दिखाई हरी झंडी, देश में GCT की संख्या 150 पहुंची

अहमदाबाद/कच्छ। देश में माल परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत कम करने के उद्देश्य से गुजरात में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नेटवर्क का विस्तार किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनमें चार टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित किए गए, जबकि एक नए टर्मिनल की आधारशिला रखी गई।

इस अवसर पर शिवलाखा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल से मीठापुर के लिए नमक से भरी विशेष मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके साथ ही देश में परिचालन में आ चुके गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों की संख्या 150 हो गई है।

कच्छ, मोरबी और बनासकांठा में चार टर्मिनल शुरू

गुजरात में जिन चार GCT को राष्ट्र को समर्पित किया गया, उनमें कच्छ के शिवलाखा और भीमसार, मोरबी का देवलिया तथा बनासकांठा का चंदिसर शामिल हैं।

वहीं मेहसाणा जिले के लिंच में नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की आधारशिला रखी गई। इन टर्मिनलों के जरिए गुजरात के बंदरगाहों और राज्य से जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों को देश के विभिन्न हिस्सों के बाजारों तक रेल के माध्यम से माल पहुंचाने की सुविधा को मजबूत करने की योजना है।

नमक ढुलाई के लिए विशेष कंटेनर तैयार

कार्यक्रम के दौरान कच्छ से देश के अलग-अलग हिस्सों में नमक की ढुलाई से जुड़ी समस्या का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि पारंपरिक वैगनों में नमी के संपर्क में आने से नमक के वजन और गुणवत्ता पर असर पड़ता था।

इस समस्या को कम करने के लिए हल्के वजन वाले विशेष स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर विकसित किए गए हैं। इन कंटेनरों में ऊपर से नमक लोड करने और किनारे से उतारने की व्यवस्था है। इससे लोडिंग-अनलोडिंग प्रक्रिया को तेज करने और नमी से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कच्छ में करीब 5,600 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं

रेल मंत्री ने कच्छ में चल रही रेल परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लगभग 5,600 करोड़ रुपये की रेल अवसंरचना परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

समखियाली-भचाऊ और गांधीधाम-आदिपुर रेल सेक्शन में ट्रैक क्षमता बढ़ाने का काम पूरा किया जा चुका है, जबकि आदिपुर-भुज रेल मार्ग के दोहरीकरण की प्रक्रिया जारी है।

नलिया से बंदरगाहों तक रेल कनेक्टिविटी पर जोर

भुज-नलिया ब्रॉडगेज कन्वर्जन का काम पूरा होने के बाद अब नलिया से जखौ पोर्ट, वायोर, लूना, हाजीपुर और देसलपार जैसे क्षेत्रों तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे कच्छ में औद्योगिक और बंदरगाह आधारित माल परिवहन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

दिसंबर 2026 तक वापी-सूरत सेक्शन पूरा करने का लक्ष्य

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना की प्रगति को लेकर भी रेल मंत्री ने जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वापी-सूरत सेक्शन का सिविल निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद इस हिस्से में ट्रायल रन शुरू किए जाने की योजना है।

उन्होंने यह भी बताया कि देश में हाई-स्पीड रेल तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के प्रयासों के तहत स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन का पहला कोच तैयार हो चुका है और उस पर तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं।

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