अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
मिनोचा कॉलोनी क्षेत्र में सड़क किनारे बसों की पार्किंग और मरम्मत का दावा, करीब 200 मीटर सड़क खोदे जाने की भी शिकायत
बिलासपुर, 16 सितंबर 2026। शहर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित सड़कों के रखरखाव और निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मिनोचा कॉलोनी के समीप स्मार्ट रोड पर निजी यात्री बसों की पार्किंग तथा सड़क पर ही बसों की मरम्मत किए जाने का आरोप सामने आया है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की जा रही है।
स्मार्ट रोड पर बसों की पार्किंग का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार स्मार्ट रोड के एक हिस्से में निजी ट्रेवल एजेंसियों की कई बसें नियमित रूप से खड़ी रहती हैं। आरोप है कि बसों को सड़क के किनारे या सड़क पर खड़ा करने के साथ यहां मरम्मत का काम भी किया जाता है। इससे यातायात प्रभावित होने और सड़क की सतह को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि सड़क पर बसों की पार्किंग और मरम्मत के लिए क्या कोई अनुमति है या नहीं।
करीब 200 मीटर सड़क खोदे जाने की शिकायत
मामले में एक और गंभीर शिकायत सामने आई है। बताया जा रहा है कि स्मार्ट रोड के करीब 200 मीटर हिस्से में हाल ही में खुदाई की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के निर्माण के बाद दोबारा खुदाई से सरकारी राशि से तैयार सड़क की गुणवत्ता और उपयोगिता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि सड़क किस उद्देश्य से और किस विभाग या एजेंसी की अनुमति से खोदी गई, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। संबंधित विभागों से इसकी जानकारी सामने आने के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
निगम और यातायात व्यवस्था पर भी सवाल
सड़क पर बसों की पार्किंग को लेकर नगर निगम के अतिक्रमण अमले और यातायात व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर लंबे समय तक भारी वाहनों की पार्किंग होती है तो इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की संभावना भी बढ़ सकती है।
वहीं, बसों के परमिट, फिटनेस और निर्धारित पार्किंग व्यवस्था की जांच को लेकर परिवहन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर निगम, जिला प्रशासन, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग से संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही सड़क की खुदाई किसने कराई, इसके लिए अनुमति किस विभाग से ली गई थी और सड़क को पूर्व स्थिति में कब तक लाया जाएगा, इसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। यदि सड़क की खुदाई बिना अनुमति हुई है या सार्वजनिक सड़क पर अवैध पार्किंग की जा रही है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगी।




