खाद घोटाला : जयनगर सहकारी समिति में लाखों की अनियमितता, प्रबंधक निलंबित; अध्यक्ष की शक्तियां छीनी गईं

Advertisement
Advertisement

सूरजपुर। खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है, वहीं सूरजपुर जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जयनगर में उर्वरक की भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में लाखों रुपये मूल्य का खाद स्टॉक कम पाए जाने के बाद सहकारिता विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

35 से 40 लाख रुपये के उर्वरक की कमी मिली

किसानों द्वारा खाद नहीं मिलने और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद कलेक्टर रेना जमील के निर्देश पर समिति के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान गोदाम में करीब 35 से 40 लाख रुपये मूल्य का उर्वरक कम पाया गया।

मामले में उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर ने समिति प्रबंधक श्यामलाल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

समिति अध्यक्ष की शक्तियां भी छीनी गईं

प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए समिति अध्यक्ष एवं प्राधिकृत अधिकारी देवधन राम बिनझिया से बोर्ड संचालन की सभी शक्तियां वापस ले ली हैं।

सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 49(8) के तहत अंकेक्षण अधिकारी जॉन केरकेट्टा को बोर्ड की शक्तियों के प्रयोग के लिए अधिकृत किया गया है।

जांच के बाद एफआईआर की तैयारी

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर अनियमितताओं की राशि और बढ़ सकती है।

पहले भी धान खरीदी घोटाले में आया था नाम

बताया जा रहा है कि समिति प्रबंधक श्यामलाल प्रजापति पहले भी 85 लाख रुपये के धान खरीदी घोटाले के मामले में निलंबित हो चुके हैं। इसके बावजूद दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर अब सवाल उठ रहे हैं।

किसानों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

मामले के सामने आने के बाद किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि खाद की कमी के समय इस तरह की अनियमितता गंभीर विषय है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

Advertisement
Share This Article