रायपुर। शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक पदों पर नियमित भर्ती को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए नर्सिंग यूनियन ने जेएनएम मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शन कर घेराव किया।
मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं करने पर उठे सवाल
संगठन अध्यक्ष ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में करीब 2000 आवेदकों के आधार पर प्रारंभिक सूची जारी की गई थी। इसके बाद पात्र-अ पात्र सूची और दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी की गई। बाद में मेरिट के आधार पर सूची जारी की गई, लेकिन मेरिट सूची सार्वजनिक नहीं की गई।
यूनियन ने आरोप लगाया कि पारदर्शिता नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में असंतोष है और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका बनी हुई है।
हाईकोर्ट ने सचिव को जारी किया नोटिस
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर और सहायक प्राध्यापक पदों की नियमित भर्ती से जुड़े मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अमित कटारिया (आईएएस) को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिका अभय किशोर सिंह, डॉ. अजय त्रिपाठी एवं अन्य की ओर से अधिवक्ताओं ने प्रस्तुत की है।
100 प्रतिशत महिला आरक्षण को बताया गया था असंवैधानिक
मामला वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन राजपत्रित सेवा भर्ती नियम 2013 के प्रावधानों और भर्ती विज्ञप्ति के कुछ बिंदुओं को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
9 मार्च 2023 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में डेमोंस्ट्रेटर एवं सहायक प्राध्यापक पदों की सीधी भर्ती में 100 प्रतिशत महिला आरक्षण को संविधान के अनुच्छेद 16 के अनुरूप नहीं मानते हुए संबंधित प्रावधानों को निरस्त कर दिया था।
संशोधित अधियाचन भेजने की मांग
अवमानना याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद 15 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आदेश के अनुरूप संशोधित अधियाचन भेजने का अनुरोध किया था, ताकि नियमित भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विभाग ने न तो भर्ती नियमों में संशोधन किया और न ही संशोधित अधियाचन आयोग को भेजा।
संविदा भर्ती विज्ञापन को लेकर भी विवाद
याचिका में आरोप लगाया गया है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बजाय चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 22 जून 2026 को संविदा भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया। इस विज्ञापन को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
अब सचिव के जवाब पर टिकी नजर
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से 15 मार्च 2023 के सीजीपीएससी पत्र का उल्लेख किया गया, जिससे विभाग को हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी होने की बात सामने आई।
अब सचिव अमित कटारिया की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले की आगे की सुनवाई होगी। वहीं नर्सिंग अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और हाईकोर्ट के आदेश के पालन की मांग कर रहे हैं।






