अम्बिकापुर, 26 जून 2026। कृषि विज्ञान केंद्र, अजीरमा में आत्मा योजनांतर्गत एक दिवसीय कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें 27 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में खरीफ सीजन की तैयारी, कम वर्षा में फसल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि अलनीनो के प्रभाव को देखते हुए किसानों को कम अवधि और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों का चयन करना चाहिए तथा जल संरक्षण तकनीकों को अपनाना जरूरी है। साथ ही कतारबद्ध बुवाई, सुगंधित धान की उन्नत खेती और बेहतर बाजार मूल्य वाली किस्मों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों ने किसानों को मानसून से पहले गहरी जुताई करने की सलाह दी, जिससे नमी संरक्षण बेहतर होता है और खरपतवार व कीटों का प्रभाव कम होता है। साथ ही कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए जैविक और रासायनिक उपायों की संतुलित जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया और उन्हें वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।


