रायगढ़। नारायण हर्बल स्पेजरिक™ एवं वैकल्पिक चिकित्सक संघ, जिला रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में इलेक्ट्रो होम्योपैथी स्पेजरिक विज्ञान के नव शोधकर्ताओं एवं चिकित्सकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इलेक्ट्रो होम्योपैथी स्पेजरिक विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया तथा वैकल्पिक चिकित्सक संघ की जिला इकाई का गठन भी किया गया।
रायगढ़ जिला इकाई का गठन, पदाधिकारियों की हुई घोषणा
कार्यक्रम में वैकल्पिक चिकित्सा शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार स्वर्णकार के मार्गदर्शन में वैकल्पिक चिकित्सक संघ, जिला रायगढ़ का गठन किया गया। इसमें डॉ. राजेश कुमार पटेल को अध्यक्ष, डॉ. दिनेश कुमार चौहान को उपाध्यक्ष, डॉ. अमित कुमार यादव को सचिव, डॉ. गंगाधर बेहरा को कोषाध्यक्ष, डॉ. यशवंत पटेल को सह सचिव, डॉ. चंद्रशेखर भोय को सदस्य प्रमुख तथा डॉ. कमलेश गुप्ता को जूनियर सदस्य के रूप में तीन वर्ष के लिए मनोनीत किया गया।
औषधियों के उपयोग और डोज निर्धारण पर दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रो होम्योपैथी स्पेजरिक विज्ञान से जुड़े नव शोधकर्ताओं को औषधियों के डायल्यूशन प्रोसेस (Dilution Process) तथा डोजोलॉजी (Dosology) यानी औषधि की मात्रा एवं सेवन विधि की जानकारी देना था। प्रशिक्षण में रोगी की स्थिति के अनुसार औषधि चयन, मात्रा निर्धारण और उपयोग की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्वतंत्र शोधकर्ता अखिलेश नारायण सिंह ने किया प्रशिक्षण का संचालन
कार्यक्रम का संचालन नारायण हर्बल स्पेजरिक™ के डायरेक्टर एवं इलेक्ट्रो होम्योपैथी स्पेजरिक विज्ञान के स्वतंत्र शोधकर्ता ई.एच.पी. अखिलेश नारायण सिंह ने किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को स्पेजरिक चिकित्सा पद्धति के सिद्धांत, औषधि निर्माण, रोगानुसार औषधि चयन तथा उपचार पद्धति से संबंधित जानकारी प्रदान की।
भविष्य में नियमित प्रशिक्षण और सेमिनार आयोजित करने पर जोर
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, नव शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं विवेकानंद वैकल्पिक चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। आयोजन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार स्वर्णकार ने छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में वैकल्पिक चिकित्सक संघ की जिला इकाइयों के गठन तथा प्रशिक्षण शिविर, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया। प्रतिभागियों ने भी भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता व्यक्त की।


