मेडिकल स्टोर चोरी का खुलासा : 24 घंटे में दो अपचारी बालक हिरासत में, चोरी की रकम बरामद

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रायगढ़, 6 जुलाई। (medical store chori) के मामले में चक्रधरनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर चोरी का खुलासा कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने दो विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से चोरी की रकम बरामद की है। दोनों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश करने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।

आशीर्वाद मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर की थी नकदी चोरी

पुलिस के अनुसार, बोईरदादर निवासी रतन मित्रा (67) की शिकायत पर थाना चक्रधरनगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(क) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायत में बताया गया था कि आशीर्वाद मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर गल्ले में रखी नकदी चोरी कर ली गई थी।

सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कराया। तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर दो विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ 3 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर 4 हजार रुपये चोरी करने की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि चोरी की रकम चारों ने आपस में एक-एक हजार रुपये बांट ली थी।

चोरी के बाद घूमने निकले, सड़क हादसे में घायल हुए तीन साथी

पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी के बाद चारों में से तीन युवक HF डीलक्स मोटरसाइकिल (CG-13 AP-4953) से जामगांव की ओर घूमने निकले थे। इस दौरान तेज और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें तीनों घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, दो आरोपी फिलहाल अस्पताल में उपचाररत हैं, जबकि हिरासत में लिए गए एक अपचारी बालक को सामान्य चोटें आई थीं।

दो हजार रुपये बरामद, अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई जारी

पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों अपचारी बालकों के कब्जे से चोरी के बंटवारे की एक-एक हजार रुपये, कुल दो हजार रुपये बरामद किए हैं। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने एवं परिजनों को सूचना देने के बाद दोनों को 5 जुलाई 2026 को किशोर न्याय बोर्ड, रायगढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। वहीं, मामले में शामिल अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

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