बैमा पंचायत में 15 अगस्त के आयोजन को लेकर विवाद, निर्वाचित पंचों की अनदेखी के आरोप; जांच शुरू

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सरपंच-सचिव के खिलाफ पंचों ने की शिकायत, जनपद पंचायत बिल्हा ने पंचायत के दस्तावेज किए तलब

बिलासपुर। बिल्हा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत बैमा में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को लेकर विवाद सामने आया है। पंचायत के निर्वाचित पंचों ने सरपंच और सचिव पर उनकी कथित उपेक्षा करने तथा पंचायत की गतिविधियों में उन्हें पर्याप्त जानकारी और सहभागिता नहीं देने के आरोप लगाए हैं। मामले में पंचों की शिकायत के बाद जनपद पंचायत बिल्हा ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर उठे सवाल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 15 अगस्त को ग्राम पंचायत में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में निर्वाचित पंचों को उचित रूप से आमंत्रित नहीं किया गया और न ही उन्हें आयोजन में अपेक्षित सहभागिता दी गई। पंचों का कहना है कि पंचायत के कार्यों और गतिविधियों में भी निर्वाचित सदस्यों को कई बार विश्वास में नहीं लिया जाता।

बताया गया है कि इस संबंध में पंचों की ओर से 20 अगस्त को जनपद पंचायत बिल्हा में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत में पंचायत के कामकाज से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच की मांग की गई है।

पंचायत के रिकॉर्ड भी किए गए तलब

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत की ओर से मामले की जांच शुरू की गई है। संबंधित पंचायत पदाधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दौरान पंचायत की बैठक पंजी, संबंधित रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

सचिव की कार्यप्रणाली पर भी लगाए गए आरोप

शिकायत में पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत के कामकाज और निर्णय प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों को पर्याप्त जानकारी नहीं दिए जाने के आरोप लगाए हैं।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

अंकित गौरहा ने निष्पक्ष जांच की मांग की

मामले को लेकर कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की एकता, सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। पंचायत में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जांच रिपोर्ट से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के स्तर से शिकायत पर जांच प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित पक्षों को आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि 15 अगस्त के आयोजन और पंचायत के कामकाज को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है।

रिपोर्टर — अभिषेक कुमार पाण्डेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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