अपनों से मिलकर भावुक हुए बंदी, जेल परिसर में दिखी भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता
रायगढ़, 28 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल रायगढ़ में भाई-बहन के स्नेह और पारिवारिक रिश्तों की भावनाओं से जुड़ा विशेष आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधकर रिश्ते की डोर को मजबूत किया।
जेल प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान 317 बंदियों को कुल 1227 बहनों ने राखी बांधी। लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे बंदियों के लिए अपने परिजनों से मिलने का यह अवसर खास रहा। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुखी एवं सुरक्षित जीवन की कामना की।
राखी बंधवाते समय छलकी भावनाएं
जेल परिसर में राखी बांधने के दौरान कई भावुक दृश्य देखने को मिले। अपनों से मुलाकात और बहनों का स्नेह पाकर बंदियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। रक्षाबंधन के इस अवसर ने कुछ समय के लिए जेल की सामान्य दिनचर्या को पारिवारिक माहौल में बदल दिया।
महिला बंदियों को भी भाइयों ने बांधी राखी
कार्यक्रम में महिला बंदियों को उनके भाइयों द्वारा राखी बांधने की व्यवस्था भी की गई। इससे आयोजन में भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गर्माहट और बढ़ गई। परिवार के सदस्यों के बीच मुलाकात ने बंदियों को सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अनुभव कराया।
स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन का मिला सहयोग
रक्षाबंधन कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में स्वास्थ्य विभाग और रायगढ़ पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। व्यवस्थाओं के बीच बहनों को अपने परिजनों से मिलने और राखी बांधने का अवसर उपलब्ध कराया गया।
परिवार से जुड़ाव और सकारात्मक सोच का संदेश
जेल प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके परिवार और सामाजिक रिश्तों से जोड़े रखना तथा उनमें सकारात्मक सोच एवं मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना रहा। रक्षाबंधन का यह आयोजन बंदियों के लिए भावनात्मक संबल का माध्यम बना और भाई-बहन के रिश्ते की अहमियत को भी सामने लाया।


