साइबर, कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल, कोतवाली और चक्रधरनगर पुलिस ने बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5 बाइक चोरों और चोरी की बाइक खरीदने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब एक लाख रुपये कीमत की तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
चोरी की बाइक चलाते पकड़ा गया मुख्य आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में बाइक चोरी की घटनाओं पर नजर रखने के लिए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया था। इसी दौरान सूचना मिली कि सत्तीगुड़ी चौक निवासी आयुष दास महंत चोरी की बाइक चला रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शहर के अलग-अलग स्थानों से तीन मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया।
पूछताछ में सामने आया पूरा गिरोह
आयुष ने बताया कि उसने साथियों के साथ मिलकर बजाज CT-100, होंडा SP-125 और हीरो ग्लैमर मोटरसाइकिल चोरी की थी। चोरी के बाद दो बाइक संबलपुरी निवासी दशरथ खड़िया और नरसिंग चौहान को कम कीमत में बेच दी गई थीं। पुलिस ने दोनों खरीददारों के घर दबिश देकर चोरी की बाइक बरामद कर ली।
चोरी का माल खरीदने वालों पर भी कार्रवाई
जांच में सामने आया कि आरोपियों को बाइक चोरी की होने की जानकारी थी, इसके बावजूद उन्होंने कम कीमत में वाहन खरीदकर अपने पास रखा। इस आधार पर पुलिस ने चोरी का माल खरीदने और छिपाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं।
सातों आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने आयुष दास महंत, विष्णु राठिया, जलधर कुंवर, अमन खड़िया, अमित भोय, दशरथ खड़िया और नरसिंग चौहान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी करने वाले ही नहीं, बल्कि चोरी का माल खरीदने वाले भी कानून के दायरे में लाए जाएंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




