Chhattisgarh Tourism : ‘3S संकल्प’ से संवरेगा छत्तीसगढ़ पर्यटन, सेफ्टी, स्वच्छता और संस्कार को बनाया जाएगा जनआंदोलन

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पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का आह्वान — सुरक्षित, स्वच्छ और संस्कारित पर्यटन स्थलों से बनेगी प्रदेश की नई पहचान

रायपुर। छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘3S संकल्प’ को जन-जागरूकता अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया है।

यह संकल्प सेफ्टी (Safety), स्वच्छता (Swachhta) और संस्कार (Sanskar) पर आधारित है। इसका उद्देश्य पर्यटन स्थलों को सुरक्षित, स्वच्छ और संस्कारित बनाकर पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है।

सेफ्टी : सुरक्षित पर्यटन है पहली प्राथमिकता

प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, सिरपुर, डोंगरगढ़, भोरमदेव और बारनवापारा में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

3S संकल्प के तहत पर्यटकों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें, चेतावनी बोर्डों को नजरअंदाज न करें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और सेल्फी के लिए जोखिम उठाने से बचें। सुरक्षित पर्यटन ही सफल पर्यटन की पहचान है।

स्वच्छता : प्राकृतिक धरोहरों को बचाने की जिम्मेदारी

पर्यटन स्थलों पर प्लास्टिक, कचरा और गंदगी प्राकृतिक सुंदरता को प्रभावित करती है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता 3S संकल्प का महत्वपूर्ण आधार है।

उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे अपना कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें और प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग से बचें। सामूहिक प्रयासों से ही पर्यटन स्थलों की सुंदरता और पर्यावरण को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

संस्कार : छत्तीसगढ़ की संस्कृति की पहचान

छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, लोक कला और जनजातीय विरासत से जुड़ी हुई है। प्रदेश की संस्कृति ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को दर्शाती है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 3S संकल्प का तीसरा स्तंभ संस्कार है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों के प्रति सम्मान, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।

पर्यटन विकास से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं है, बल्कि इससे जुड़े स्थानीय युवाओं, हस्तशिल्प, लोक कलाकारों, होटल व्यवसाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।

जनभागीदारी से सफल होगा अभियान

पर्यटन मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ‘3S संकल्प’ को केवल सरकारी अभियान न मानकर जनआंदोलन बनाएं। प्रत्येक नागरिक यदि सुरक्षा, स्वच्छता और संस्कार को अपनी जिम्मेदारी समझे तो छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख और जिम्मेदार पर्यटन राज्यों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ का मानसून और हमारा 3S संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, सांस्कृतिक विरासत और जिम्मेदार पर्यटन की नई सोच है।”

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