Bilaspur News: बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ई-ऑफिस का पालन अनिवार्य, प्रभारी सचिव पिंगुआ ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर
दिनांक: 19 अगस्त 2026

बिलासपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ई-ऑफिस प्रणाली का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचना जरूरी

प्रभारी सचिव ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल भौतिक और वित्तीय लक्ष्य पूरा करने से तय नहीं होती, बल्कि आम लोगों और हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आना जरूरी है। अधिकारियों को विभागीय दायरे से बाहर निकलकर हितग्राहियों से सीधे संवाद करने और यह जानने के निर्देश दिए गए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं।

उन्होंने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त फीडबैक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिकायतों और सुझावों से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार का अवसर मिलता है।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस और ई-ऑफिस पर जोर

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कार्यों का स्व-मूल्यांकन करने और आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बायोमेट्रिक अटेंडेंस की समीक्षा करते हुए इसे अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा।

उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचकर निर्धारित समय में कार्य करें, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा और देर रात तक कार्यालय में बैठने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही सभी शासकीय पत्राचार ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए।

जैविक खेती और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसानों में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग भी बढ़ रहा है।

उन्होंने जिले में बीज उत्पादन को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही धान की जगह दलहन और तिलहन फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने की प्रगति की जानकारी ली।

जिले में 14 गोधाम स्वीकृत

पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 14 गोधामों को मंजूरी मिल चुकी है। प्रत्येक गोधाम में करीब 200 पशुओं को रखने की क्षमता होगी।

हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए पिंगुआ ने कहा कि केवल मुफ्त सामग्री या सहायता उपलब्ध कराना योजनाओं का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। योजनाओं से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए।

मलेरिया के 61 मरीज मिले

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में जिले में मलेरिया की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अब तक 61 मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें से तीन मरीजों का उपचार जारी है, जबकि अन्य स्वस्थ हो चुके हैं।

मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए मितानिनों के पास आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

275 इंजेक्शन वेल का निर्माण

प्रभारी सचिव ने सभी ग्रामों में भू-जल संरक्षण के लिए इंजेक्शन वेल निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 275 इंजेक्शन वेल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि इन संरचनाओं का वास्तविक प्रभाव आगामी गर्मी के मौसम में भू-जल संरक्षण और जलस्तर में सुधार के रूप में दिखाई देना चाहिए।

स्कूलों में किताब और गणवेश वितरण पूरा

स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले के सभी बच्चों को पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरित किए जा चुके हैं। वहीं मध्यान्ह भोजन योजना की 67 प्रतिशत उपलब्धि को प्रभारी सचिव ने अपर्याप्त बताया और इसमें सुधार के निर्देश दिए।

उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

अरपा नदी और यातायात व्यवस्था की समीक्षा

प्रभारी सचिव ने शहर के बीच से होकर गुजरने वाली अरपा नदी के जीर्णोद्धार एवं पुनरुद्धार के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

उन्होंने यातायात व्यवस्था के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक समाधान तलाशने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन के 80 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण

बैठक में सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक करीब 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।

सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली, राजस्व और नगर निगम से संबंधित बताई गईं। प्रभारी सचिव ने लंबित आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

450 से अधिक गांवों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत

वीबी रामजी योजना के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए प्रभारी सचिव ने ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जिले के 450 से अधिक गांवों में 900 से ज्यादा कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।

उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

120 करोड़ की लागत से बन रहा नालंदा परिसर

बैठक में शहर में करीब 13 एकड़ क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

प्रभारी सचिव पिंगुआ ने कहा कि नालंदा परिसर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसलिए इसका निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का जिले में पूरी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

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