रायगढ़। बेमेतरा जिले में महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के साथ कथित दुर्व्यवहार, अमर्यादित आचरण और मानसिक-आर्थिक उत्पीड़न के आरोपों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की रायगढ़ जिला इकाई ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद जिलेभर से पहुंचे एनएचएम और सीएचओ संवर्ग के सैकड़ों कर्मचारियों ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर विशाल पैदल रैली निकाली और कलेक्टर के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

बारिश के बीच निकली विशाल रैली
कर्मचारी सुबह शहीद कर्नल बिप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में एकत्र हुए। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे अनुशासित पैदल रैली निकाली गई। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची। यहां कर्मचारियों ने सभा और मीडिया संवाद के बाद अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

बेमेतरा CMHO पर गंभीर आरोप
संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बेमेतरा जिले में शासकीय बैठकों के दौरान महिला कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार किया गया। संघ का आरोप है कि बैठकों में प्रधानमंत्री के नाम का अनुचित संदर्भ लेते हुए कथित रूप से अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया।

इसके अलावा महिला कर्मचारियों पर लेजर लाइट डालकर उन्हें सार्वजनिक रूप से असहज करने, अवांछित शारीरिक स्पर्श और अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल के भी आरोप लगाए गए हैं। संघ ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वेतन रोकने और कार्रवाई की धमकी का आरोप
कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को नियमविरुद्ध वेतन रोकने, सेवा समाप्त करने और एफआईआर दर्ज कराने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई की धमकियां भी दी गईं। संघ ने इन सभी आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
जांच पूरी होने तक CMHO को हटाने की मांग
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी, जिला अध्यक्ष शकुंतला एक्का और सीएचओ संघ के जिलाध्यक्ष संदीप मिंज ने कहा कि कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संघ ने मांग की है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बेमेतरा CMHO को वर्तमान पद से हटाया जाए या अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि जांच प्रभावित न हो।
कर्मचारी संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
एनएचएम कर्मचारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रधानमंत्री के संदर्भ में कथित अभद्र टिप्पणी और महिला उत्पीड़न के आरोपों की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच, महिला कर्मचारियों की शिकायतों की POSH Act, 2013 के तहत जांच और जांच पूरी होने तक CMHO को पद से हटाना शामिल है।
इसके अलावा नियमविरुद्ध रोके गए वेतन और इंसेंटिव (PLP) का भुगतान, कर्मचारियों से निर्धारित TOR (Terms of Reference) के अनुरूप ही कार्य लेने तथा आरोप सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
“महिला कर्मचारियों के सम्मान में एनएचएम संघ मैदान में”
रैली के दौरान कर्मचारियों ने महिला सम्मान और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारे लगाए। संघ ने कहा कि महिला कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संघ ने अपना संदेश दिया— “महिला कर्मचारियों के सम्मान में—एनएचएम संघ मैदान में” और “निष्पक्ष जांच—हमारा अधिकार, महिला सम्मान—हमारी प्राथमिकता।”




