बिलासपुर हाईकोर्ट ने सरकंडा NDPS मामले में पुलिस जांच पर उठाए सवाल, DGP से मांगा व्यक्तिगत शपथ पत्र

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एक ही ASI पर FIR से लेकर जांच और चार्जशीट तक की जिम्मेदारी, 24 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र से जुड़े एक NDPS मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच प्रक्रिया और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को व्यक्तिगत शपथ पत्र के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

एक ही अधिकारी की भूमिका पर कोर्ट ने मांगा जवाब

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के सामने यह तथ्य आया कि ASI शैलेंद्र सिंह ने देहाती नालिश दर्ज की थी। यही रिपोर्ट आगे FIR का आधार बनी और इसके बाद जांच की जिम्मेदारी भी उसी अधिकारी को दी गई। इतना ही नहीं, जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट भी उन्हीं की ओर से पेश की गई।

अदालत ने सवाल उठाया कि एक ही अधिकारी को शिकायत दर्ज करने से लेकर जांच और चार्जशीट पेश करने तक की पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपने का आधार क्या था और ऐसी स्थिति में जांच की निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की गई।

ASI के सेवा रिकॉर्ड की भी मांगी जानकारी

हाईकोर्ट ने DGP से ASI शैलेंद्र सिंह के पूर्व सेवा आचरण और संबंधित रिकॉर्ड का पूरा विवरण भी शपथ पत्र में प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत के निर्देश के बाद अब पुलिस विभाग की जांच प्रक्रिया और संबंधित अधिकारी की भूमिका पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

2925 क्लोनाजेपाम गोलियों की बरामदगी का मामला

मामले के अनुसार पुलिस ने 15 फरवरी 2026 को एक घर की सीढ़ियों के पास से 2925 क्लोनाजेपाम गोलियां, जिनका कुल वजन करीब 438.750 ग्राम बताया गया है, बरामद करने का दावा किया था। इसके आधार पर महिला के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21(C) और 22 के तहत कार्रवाई करते हुए चार्जशीट पेश की गई।

हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से अलग पक्ष रखा गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार 14 वर्षीय बच्चा छत पर पतंग उड़ाते समय एक लावारिस बैग मिलने के बाद उसे सीढ़ियों के पास रखकर चला गया था। उनका आरोप है कि प्रतिबंधित दवाओं के वास्तविक स्रोत और बैग को छत तक पहुंचाने वाले व्यक्ति की पर्याप्त जांच नहीं की गई।

14 वर्षीय बच्चे से पूछताछ पर भी सवाल

याचिकाकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि 14 वर्षीय बच्चे को बिना FIR के करीब 10 घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया। इस बिंदु को भी मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में उठाया गया है।

24 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर DGP से व्यक्तिगत शपथ पत्र मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को निर्धारित है। अब अदालत में प्रस्तुत होने वाले शपथ पत्र से पुलिस जांच और ASI शैलेंद्र सिंह की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर
छत्तीसगढ़

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