कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन अधिकारों को लेकर उठी आवाज, 19 सितंबर को बिलासपुर में सम्मेलन

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारी संघ ने पेंशन गणना, ग्रेच्युटी और आवास से जुड़े मुद्दे उठाए; करीब डेढ़ लाख पूर्व कर्मियों को नुकसान का दावा

बिलासपुर। कोल इंडिया और एसईसीएल के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन एवं अन्य सुविधाओं को लेकर सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारी संघ ने प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगें तेज करने की बात कही है। संघ ने पेंशन निर्धारण, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवास आवंटन सहित कई मुद्दों को लेकर प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लंबे समय तक कोयला उद्योग में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद के अधिकारों से जुड़े मामलों का समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

पेंशन गणना में SDA को लेकर आपत्ति

संघ का दावा है कि 1 अक्टूबर 2017 से पेंशन निर्धारण की गणना में स्पेशल डियरनेस अलाउंस (SDA) को शामिल नहीं किए जाने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

संघ के अनुसार, इस व्यवस्था के चलते कोल इंडिया से जुड़े करीब डेढ़ लाख पूर्व कर्मचारियों को हर महीने लगभग 300 से 600 रुपये तक का नुकसान हो रहा है। संगठन का कहना है कि पेंशन गणना में सुधार और पुनरीक्षण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।

ग्रेच्युटी की सीमा को लेकर भी सवाल

संघ ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई है। महेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, वर्ष 2017 के बाद अधिकारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये किए जाने की बात सामने आई, जबकि कामगारों के लिए 10 लाख रुपये की सीमा का मुद्दा बना हुआ है।

संघ का कहना है कि इस संबंध में नियमों की समानता और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

खाली आवासों के उपयोग की मांग

संघ ने एसईसीएल की कॉलोनियों में खाली पड़े आवासों का मुद्दा भी उठाया। संगठन का आरोप है कि कई आवास लंबे समय से खाली रहने के कारण जर्जर हो रहे हैं, जबकि जरूरतमंद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इनके आवंटन की मांग पर पर्याप्त पहल नहीं हुई है।

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की भूमिका पर भी सवाल

संघ ने बीएमएस, इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस समेत प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपेक्षित स्तर पर आवाज नहीं उठाई जा रही है।

संघ ने बताया कि पूर्व कर्मचारियों को एकजुट करने और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन का गठन किया गया है।

19 सितंबर को बिलासपुर में होगा सम्मेलन

संघ की ओर से 19 सितंबर को बिलासपुर स्थित एसईसीएल कॉलोनी, इंदिरा विहार के प्रियदर्शिनी भवन में सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित बताया गया है।

संघ के अनुसार, सम्मेलन में देशभर से पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में आगे के आंदोलन और कानूनी रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।

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