बिलासपुर में तराशे जा रहे युवा नेतृत्व के नए चेहरे, 4 जिलों के 40 वॉलंटियर्स ले रहे 7 दिवसीय प्रशिक्षण

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अभिषेक कुमार पाण्डेय

रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़

माय भारत के आवासीय शिविर में युवाओं को नेतृत्व, आपदा प्रबंधन और प्रभावी संवाद का प्रशिक्षण

बिलासपुर। युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों और जमीनी नेतृत्व के लिए तैयार करने की दिशा में बिलासपुर में माय भारत (MY Bharat) का सात दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ है। शिविर में अलग-अलग जिलों से चयनित युवा वॉलंटियर्स को नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और सामाजिक समस्याओं के समाधान से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

चार जिलों से पहुंचे 40 चयनित युवा

जिला युवा अधिकारी संकेत मित्तल के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर और सूरजपुर जिलों से करीब 40 चयनित वॉलंटियर्स शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को अपनी झिझक दूर करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और समूह के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सिर्फ व्याख्यान नहीं, व्यवहारिक प्रशिक्षण पर जोर

शिविर की खासियत यह है कि इसमें युवाओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय वास्तविक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण के शुरुआती सत्रों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

आपदा प्रबंधन के तहत आपात परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने की जानकारी दी गई। वहीं कम्युनिटी लीडरशिप के माध्यम से युवाओं को स्थानीय समुदाय को विकास गतिविधियों से जोड़ने और सामूहिक भागीदारी बढ़ाने के तरीके बताए गए।

इसके अलावा कम्युनिकेशन स्किल्स पर भी विशेष ध्यान दिया गया, ताकि युवा प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकें, लोगों से संवाद कर सकें और सार्वजनिक मंचों पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा सकें।

वरिष्ठ मार्गदर्शकों ने सिखाई टीम भावना

प्रशिक्षण सत्रों में उप निदेशक नितिन शर्मा, मोहन लाल सोनी, शारदा और विकास निर्मलकर सहित वरिष्ठ मार्गदर्शकों ने युवाओं को अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को यह समझाने पर जोर दिया गया कि किसी भी सामाजिक पहल की सफलता के लिए व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ टीम के रूप में काम करने की दक्षता भी जरूरी है।

युवाओं ने साझा किए प्रशिक्षण के अनुभव

जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र से पहुंचे युवा प्रतिनिधि विकास गुप्ता और आर्यन शर्मा ने प्रशिक्षण को उपयोगी अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच युवाओं को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को नए दृष्टिकोण से समझने और भविष्य में बेहतर तरीके से काम करने की प्रेरणा देते हैं।

आगे पर्सनालिटी डेवलपमेंट और प्रोजेक्ट प्लानिंग पर फोकस

शिविर के आगामी दिनों में युवाओं के लिए पर्सनालिटी डेवलपमेंट, डिजिटल अवेयरनेस और प्रोजेक्ट प्लानिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रस्तावित है। सात दिनों के इस आवासीय कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है।

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