कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दिलाई शत-प्रतिशत साक्षरता की शपथ, ‘हर शिक्षित बने एक का सहारा’ के संदेश के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने का आह्वान
शिक्षा से आत्मसम्मान और बदलाव की राह
बिलासपुर कलेक्ट्रेट के मंथन सभाकक्ष में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर ‘उल्लास’ यानी नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को समाज में शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए सामूहिक संकल्प दिलाया। Bilaspur mein saksharta diwas के इस आयोजन का उद्देश्य केवल निरक्षरता दूर करना ही नहीं, बल्कि शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाना भी रहा।

प्रशासनिक अमले ने लिया सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी सहित कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने शासकीय दायित्वों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाएंगे और अपने आसपास मौजूद निरक्षर लोगों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करेंगे। Bilaspur mein saksharta diwas पर लिया गया यह सामूहिक प्रण शिक्षा की लौ को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

‘एक दीपक से जलेंगे कई दीप’
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को उसके अधिकारों और अवसरों से जोड़ने की पहली सीढ़ी है। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति पढ़ना-लिखना नहीं सीखता, तब तक विकास की यात्रा पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने अधिकारियों और जागरूक नागरिकों से ‘उल्लास’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उनका संदेश रहा कि यदि एक शिक्षित व्यक्ति किसी एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी उठाए, तो समाज में बदलाव की बड़ी शुरुआत हो सकती है।
डिजिटल साक्षरता और जीवन कौशल पर भी जोर
‘उल्लास’ कार्यक्रम के तहत केवल बुनियादी पढ़ने-लिखने और संख्यात्मक ज्ञान तक सीमित न रहकर डिजिटल साक्षरता तथा बुनियादी जीवन कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में अधिकारियों ने स्वयंसेवी भूमिका निभाते हुए निरक्षर लोगों की पहचान करने और उन्हें नियमित समय देकर शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया।
साक्षर समाज के लिए जमीनी भागीदारी की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के अंत में प्रशासनिक अमले ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इस सामाजिक मिशन को जमीनी स्तर पर सफल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। Bilaspur mein saksharta diwas का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि साक्षरता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय, रिपोर्टर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
